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कठिन या आसान! कैसी रही अर्थशास्त्र 12वीं बोर्ड की परीक्षा? जानिए छात्रों को किस सेक्शन ने किया परेशान

सीबीएसई ने आज कॉमर्स के छात्रों के लिए कक्षा 12 की अर्थशास्त्र की परीक्षा आयोजित की. प्रश्नपत्र संतुलित रहा. छात्रों के लिए यह मिलाजुला पेपर रहा.

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Edited By: Reepu Kumari
कठिन या आसान! कैसी रही अर्थशास्त्र 12वीं बोर्ड की परीक्षा? जानिए छात्रों को किस सेक्शन ने किया परेशान
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: आज 18 मार्च 2026 को सीबीएसई ने कक्षा 12 की अर्थशास्त्र परीक्षा ली. यह कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए काफी महत्वपूर्ण थी. पेपर कुल 80 अंकों का था और तीन घंटे में पूरा करना था. इसमें 34 प्रश्न थे, जो भाग A (समष्टि अर्थशास्त्र) और भाग B (भारतीय आर्थिक विकास) में बंटे थे. प्रश्नों में डायरेक्ट, संख्यात्मक और एप्लीकेशन-बेस्ड का अच्छा मिश्रण था. करीब 20 प्रतिशत योग्यता-आधारित सवालों ने छात्रों की कॉन्सेप्ट क्लियरिटी और रियल-वर्ल्ड समझ को परखा. शिक्षकों और छात्रों की राय से पेपर एनसीईआरटी आधारित, संतुलित और मध्यम कठिनाई का रहा, लेकिन केस स्टडी वाले सवाल समय लेने वाले साबित हुए.

मिलीजुली प्रतिक्रियाएं

परीक्षा के बाद छात्रों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं. कई ने इसे अपेक्षाओं के मुताबिक बताया, जबकि कुछ ने केस स्टडी पर ज्यादा समय लगने की शिकायत की. शिक्षकों का कहना है कि पेपर पैटर्न सैंपल पेपर से मिलता-जुलता था. बहुविकल्पीय सवाल ज्यादातर मध्यम थे, कुछ में सोचने की जरूरत पड़ी. संख्यात्मक भाग आसान रहा, जहां राष्ट्रीय आय और बेसिक कैलकुलेशन वाले सवाल सीधे सूत्रों पर आधारित थे. कुल मिलाकर, अच्छी तैयारी वाले छात्रों के लिए स्कोरिंग पेपर साबित हुआ.

संतुलित प्रश्न वितरण

पेपर में समष्टि और भारतीय अर्थव्यवस्था दोनों से बराबर सवाल आए. MCQs से लेकर लॉन्ग आंसर तक सब शामिल थे. शिक्षकों के अनुसार प्रश्नों का बैलेंस अच्छा था और यह मध्यम स्तर का रहा.

संख्यात्मक सवाल आसान

राष्ट्रीय आय, बुनियादी गणनाएं और सूत्रों के सरल अनुप्रयोग वाले प्रश्न सीधे थे. जटिल कैलकुलेशन की बजाय बेसिक समझ पर फोकस था, जिससे छात्रों को अंक मिलना आसान रहा.

केस स्टडी पर आपत्ति

कई छात्रों ने केस स्टडी आधारित सवालों को समय लेने वाला बताया. इनमें सावधानी से पढ़ना और समझना जरूरी था, जिससे कुछ को समय प्रबंधन में दिक्कत आई.

शिक्षकों की राय

खबर एजेंसी से बात करते हुए कई शिक्षकों ने पेपर को व्यापक, निष्पक्ष और मध्यम चुनौतीपूर्ण माना. एनसीईआरटी पर आधारित होने से अच्छी तैयारी वालों को फायदा हुआ.

समग्र मूल्यांकन

पेपर ने सिद्धांत और प्रैक्टिकल एप्लीकेशन का संतुलन बनाए रखा. आसान से मध्यम स्तर तक के सवालों से छात्रों की वैचारिक समझ अच्छी तरह परखी गई. अच्छे अभ्यास वाले छात्र संतुष्ट दिखे.