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ना कोई किताब, ना ही कोई नोट्स! इस IIT प्रोफेसर के 'दिमाग' में छपी है पूरी फिजिक्स!

प्रोफेसर बालाकृष्णन क्लासरूम में आते हैं, हाथ में सिर्फ चॉक होता है. न कोई नोट्स, न लैपटॉप, न कोई स्लाइड और न ही कोई तैयार PPT. वे सीधे हरे ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े हो जाते हैं और पढ़ाना शुरू कर देते हैं. अगले 50 से 60 मिनट तक वे लगातार बोलते रहते हैं.

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Edited By: Antima Pal
ना कोई किताब, ना ही कोई नोट्स! इस IIT प्रोफेसर के 'दिमाग' में छपी है पूरी फिजिक्स!
Courtesy: X

आज के समय में जब ऑनलाइन क्लासेस में एनीमेशन, पावरपॉइंट और हाई-टेक गैजेट्स का बोलबाला है, तब IIT मद्रास के प्रोफेसर वी. बालाकृष्णन एक अलग ही मिसाल पेश कर रहे हैं. पिछले 17 साल से उनके क्लासिकल फिजिक्स के लेक्चर्स यूट्यूब और NPTEL प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जो बिना किसी शोर-शराबे के दुनिया भर के छात्रों को आकर्षित कर रहे हैं.

इस IIT प्रोफेसर के 'दिमाग' में छपी है पूरी फिजिक्स!

प्रोफेसर बालाकृष्णन क्लासरूम में आते हैं, हाथ में सिर्फ चॉक होता है. न कोई नोट्स, न लैपटॉप, न कोई स्लाइड और न ही कोई तैयार PPT. वे सीधे हरे ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े हो जाते हैं और पढ़ाना शुरू कर देते हैं. अगले 50 से 60 मिनट तक वे लगातार बोलते रहते हैं. हर कॉन्सेप्ट इतनी आसानी और गहराई से समझाते हैं कि सुनने वाला student बस मंत्रमुग्ध हो जाता है.

उनका तरीका 'फर्स्ट प्रिंसिपल्स' पर आधारित है. मतलब वे फिजिक्स की बुनियादी बातों से शुरू करके आगे बढ़ते हैं. कोई रट्टा नहीं, सिर्फ तर्क और समझ. एक-एक फॉर्मूला, एक-एक विचार इतनी स्पष्टता से जुड़ता है कि मुश्किल से मुश्किल टॉपिक भी आसान लगने लगती है.

सरलता की जीत

प्रोफेसर बालाकृष्णन के लेक्चर्स की सबसे बड़ी खासियत उनकी सादगी है. जबकि आजकल महंगे कोर्स, चमक-धमक और बड़े-बड़े दावों का जमाना है, उनके वीडियो सिर्फ एक साधारण क्लासरूम में रिकॉर्ड किए गए हैं. लेकिन इनकी क्वालिटी इतनी शानदार है कि विदेशी छात्रों ने भी इन्हें सराहा है. एक विदेशी फिजिक्स के छात्र ने कहा कि हजारों डॉलर खर्च करके पढ़े गए पेड कोर्स से भी कहीं बेहतर समझ इन फ्री लेक्चर्स में मिलती है.

NPTEL के जरिए उपलब्ध ये लेक्चर्स इंजीनियरिंग और फिजिक्स के छात्रों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं. भारत ही नहीं, अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई देशों से स्टूडेंट्स इन वीडियोज को देखकर पढ़ाई करते हैं. प्रोफेसर की स्पष्ट आवाज, शांत अंदाज और गहरी समझ देखकर लगता है कि पूरी फिजिक्स उनके दिमाग में पहले से ही छपी हुई है.