नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीतिक धरा पर आगामी विधानसभा चुनाव 2026 की रणभेरी बज चुकी है. भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों को धार देते हुए स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है. इस सूची में दिल्ली की सत्ता के शीर्ष नेतृत्व से लेकर अलग-अलग राज्यों के कद्दावर मुख्यमंत्री और सामाजिक प्रभाव रखने वाली फिल्मी हस्तियों को शामिल किया गया है. भाजपा का यह कदम राज्य में जमीनी स्तर पर मतदाताओं को अपनी ओर खींचने की रणनीति का हिस्सा है.
भाजपा की इस आधिकारिक सूची में सबसे प्रमुख नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है, जो राज्य में कई बड़ी रैलियों और जनसभाओं को संबोधित करेंगे. उनके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जैसे दिग्गज नेता चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और धर्मेंद्र प्रधान जैसे अनुभवी चेहरों को भी मैदान में उतारा गया है ताकि वे केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और विकास के एजेंडे को सीधे जनता के समक्ष रख सकें.
पार्टी ने अलग-अलग राज्यों के सफल मुख्यमंत्रियों को भी बंगाल के रण में उतारने का फैसला किया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा इस बार बंगाल में चुनाव प्रचार करेंगे. इनके साथ मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस भी मतदाताओं के बीच जाएंगे. स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर और अश्विनी वैष्णव जैसे तेजतर्रार नेता भी अलग-अलग जिलों में जाकर पार्टी के पक्ष में चुनावी माहौल बनाने का काम करेंगे.
चुनावी अभियान को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए भाजपा ने इस बार ग्लैमर का तड़का भी लगाया है. फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती, हेमा मालिनी और कंगना रनौत जैसे चर्चित चेहरों को स्टार प्रचारक बनाया गया है. खेल जगत से टेनिस दिग्गज लिएंडर पेस की मौजूदगी युवाओं को प्रभावित करेगी, जबकि भोजपुरी सुपरस्टार मनोज तिवारी सांस्कृतिक जुड़ाव के जरिए वोट बैंक साधेंगे. इसके अलावा अर्जुन मुंडा, भूपेंद्र यादव और बिप्लब कुमार देब जैसे नेता भी मतदाताओं तक अपनी नीतियों को पहुंचाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे.
केंद्रीय टीम के अलावा भाजपा ने बंगाल के जमीनी नेताओं पर भी अटूट भरोसा दिखाया है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और वर्तमान अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. इनके साथ ही शांतनु ठाकुर, राजू बिस्ता, जयंत कृष्ण रॉय और मनोज टिग्गा जैसे स्थानीय चेहरों को भी स्टार प्रचारकों की सूची में प्रमुख स्थान मिला है. ये स्थानीय नेता क्षेत्रीय मुद्दों और तृणमूल कांग्रेस की प्रशासनिक कमियों को उजागर कर पार्टी के जनाधार को मजबूत करने का प्रयास करेंगे.
पश्चिम बंगाल की कुल 294 विधानसभा सीटों के लिए होने वाला यह महासंग्राम दो चरणों में संपन्न होगा. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को संपन्न होगा, जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को रखी गई है. पूरे चुनाव के नतीजे और मतगणना 4 मई को होगी, जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि बंगाल की सत्ता किसके पास जाएगी. उल्लेखनीय है कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त होने जा रहा है, जिसे देखते हुए निर्वाचन आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.