पश्चिम बंगाल में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी को विपक्ष का संयुक्त मंच बनाने की बात याद आ गई है. इंडिया गठबंधन को उतनी तवज्जो न देने वाली ममता बनर्जी अब सभी विपक्षी दलों से एक मंच पर आने का आह्वान कर रही हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जिन वामपंथियों की सरकार उखाड़ने के बाद उन्होंने बंगाल पर राज किया, बीजेपी को हराने के लिए ममता को उनसे भी कोई परहेज नहीं है. शनिवार को एक सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा- वामपंथी और अति वामपंथी सब मिलकर बीजेपी को हराने के लिए एक साथ मिलकर काम करें.
विधानसभा चुनावों में हार से तिलमिलाईं ममता बनर्जी यहीं नहीं रुकीं. उन्होंने कहा- अब सोचने का वक्त नहीं है. दुश्मन का दुश्मन मेरा दोस्त है. बीजेपी मेरी सबसे बड़ी दुश्मन है और उसे हराने के लिए मैं किसी के साथ भी समझौता कर सकती हूं। उन्होंने तमाम विपक्षी दलों से आह्वान किया है कि बीजेपी को हराने के लिए एक संयुक्त मंच पर आएं. हम सबको मिलकर बीजेपी को हराना है.
बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जयंती पर अपने काली घाट आवास के बाहर एक सभा को संबोधित करते हुए बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि सूबे में बीजेपी की सरकार बनते ही टीएमसी कार्यकर्ताओ पर अत्याचार शुरू कर दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी में घुस गए बुरे तत्व गुंडागर्दी कर रहे हैं. इस मौके पर उन्होंने यह भी दावा किया कि 2011 में सत्ता में आने के बाद से बंगाल में किसी पर अत्याचार नहीं होने दिया.
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में हार के बाद उनसे संपर्क करने वाले नेताओं का आभार भी जताया. उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उनसे फोन पर बात की, जबकि उद्धव ठाकरे और तेजस्वी यादव ने संदेश भेजे और सपा मुखिया अखिलेश यादव मिलने भी आए. उन्होंने बीजेपी का विरोध करने वाले तमाम छात्र संगठनों और एनजीओ का भी आह्वान किया है.
बता दें कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर पहली बार बंगाल में अपनी सरकार बनाई है. इस चुनाव में ममता बनर्जी की टीएमसी को मात्र 80 सीटें मिली हैं और वह खुद भी भवानीपुर सीट से विधानसभा चुनाव हार गई हैं. बंगाल में आज बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हुआ. सुवेंदु अधिकारी ने बतौर मुख्यमंत्री अपने पांच मंत्रियों के साथ शपथ ली.