नई दिल्ली: आज की व्यस्त जीवनशैली में लोग आराम को सबसे ज्यादा महत्व देने लगे हैं. यही वजह है कि कई लोग बिस्तर पर बैठकर या लेटकर खाना खाने की आदत बना लेते हैं. देखने में यह तरीका सुविधाजनक जरूर लगता है, लेकिन वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार यह आदत धीरे-धीरे जीवन में नकारात्मक असर पैदा कर सकती है. माना जाता है कि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है और मानसिक व आर्थिक परेशानियां भी बढ़ सकती हैं.
वास्तु शास्त्र में खाना खाने के कुछ विशेष नियम और उचित स्थान बताए गए हैं. मान्यता है कि जब कोई इन नियमों की अनदेखी करता है, तो उसका प्रभाव घर के वातावरण और व्यक्ति के जीवन दोनों पर पड़ता है. बिस्तर पर भोजन करना आपके ग्रहों को प्रभावित करता है.
वास्तु विशेषज्ञों की मानें तो घर के जिस भी स्थान का उपयोग आराम और सोने के लिए किया जाता है, वहां खाना खाने से ऊर्जा संतुलन को बिगाड़ सकता है. बिस्तर पर खाने से खाने से वहां पर गंदगी जमा होती जिससे वहां का एनवायरमेंट खराब होने लगता है.साथ ही यह आपके ग्रहों पर भी प्रभाव डालने लगता है. जिससे आपके जीवन में परेशानियां और आर्थिक तंगी आ सकती है. इसके अलावा असर व्यक्ति की सोच ओर नेचर पर भी पड़ता है.
लेटकर या बिस्तर पर बैठकर खाना खाने से पाचन क्रिया भी प्रभावित होती है. इससे कई बार खाना ठीक से पच नहीं पाता, जिससे गैस, भारीपन और सुस्ती जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं. इसके अलावा लगातार इस आदत को अपनाने से चिड़चिड़ापन, आलस्य और मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है.
वास्तु शास्त्र में यह भी माना जाता है कि गलत स्थान पर भोजन करने से अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं. वहीं जिस जगह व्यक्ति खाना खाता है, उसी जगह सोने से नींद पर भी असर पड़ता है. वहीं पर सोने से आपको नींद नहीं आती है. इससे मन पूरी तरह शांत नहीं हो पाता.
खाना हमेशा साफ-सुथरी और तय जगह पर बैठकर करना चाहिए. खाने से पहले और बाद में जगह की सफाई का ध्यान रखें. शांत मन से भोजन करें और कोशिश करें खाना खाने के समय मोबाइल फोन या टीवी का इस्तेमान न करें.