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यूपी पंचायत चुनाव: योगी सरकार का बड़ा फैसला, मौजूदा प्रधान ही बनेंगे प्रशासक; विधानसभा के बाद होंगे इलेक्शन!

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव टलने के संकेतों के बीच योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद अब मौजूदा प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त किया जाएगा. पंचायत चुनाव 2027 विधानसभा चुनाव के बाद होने की संभावना बढ़ गई है.

Dhiraj Kumar Dhillon
यूपी पंचायत चुनाव: योगी सरकार का बड़ा फैसला, मौजूदा प्रधान ही बनेंगे प्रशासक; विधानसभा के बाद होंगे इलेक्शन!
Courtesy: X

उत्तर प्रदेश की राजनीति से बड़ी खबर है. प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनाव का कार्याकल खत्म होने पर मौजूदा प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय ले लिया है. उत्तर प्रदेश में पहली बार ग्राम पंचायतों में प्रशासक समिति के गठन का रास्ता साफ हो गया है. बता दें कि 26 मई को यूपी में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूरा हो रहा है और अभी चुनाव का कार्यक्रम जारी नहीं हो सका है. चुनाव आयोग के द्वारा राज्यसभा चुनावों का शिडयूल जारी किए जाने के बाद इस बात की संभावना बढ़ गई है कि यूपी में अब पंचायत चुनाव 2027 में होने वाले असेंबली इलेक्शन के बाद ही होंगे. 

पीछे चल रही है पंचायत चुनाव की तैयारी

दरअसल न तो अभी स्टेट इलेक्शन कमीशन की ओर से पंचायत चुनाव के लिए फाइनल वोटर लिस्ट भी जारी नहीं की गई है। पिछले सप्ताह सरकार ने डैडीकेटेड ओबीसी कमीशन का गठन किया है, आयोग को रिपोर्ट देने में 6 माह का समय लग सकता है. जिसकी रिपोर्ट के बाद आरक्षण रोस्टर पर काम होगा, कुल मिलाकर पंचायत चुनाव की तैयारियां बहुत पीछे चल रही हैं. 

प्रधानों की मांग पर सरकार की मुहर

बता दें कि पिछले दिनों मौजूदा प्रधानों ने लखनऊ में प्रदर्शन कर इस बात की मांग की थी कि प्रधान का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासक के तौर पर अधिकारी बैठाने के बजाय प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त कर दिया जाए. पंचायती राज विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुमोदित कर दिया, शाम तक आदेश भी जारी कर दिए जाएंगे. इसके साथ ही यूपी पंचायत चुनाव को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी विराम लग जाएगा.

राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड की राह पर यूपी

योगी सरकार ने भी राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड की तर्ज पर ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया है. अब पंचायत चुनाव होने तक मौजूदा प्रधान ही गांवों में विकास कार्य की जिम्मेदारी संभालेंगे. सियासी जानकारों का मानना है कि सरकार विधानसभा चुनाव के बाद ही पंचायत चुनाव कराने के पक्ष में है. उनका कहना है कि प्रधानों को प्रशासक बनाने का फैसला सरकार के पक्ष में जाएगा या खिलाफ, यह तो आने वाला समय ही बताएगा. क्योंकि मौजूदा प्रधान तो सरकार के इस फैसले पर गदगद हैं लेकिन भावी प्रत्याशियों को इस फैसले से निराशा हुई है.