कर्नाटक के चिकमंगलुरु में अलेकन फॉल्स में टूरिस्ट मजे से नहा रहे थे. सभी लोग बैन की अनदेखी कर झरने में मजे कर रहे थे. झरने में प्रवेश पर प्रतिबंध का स्पष्ट संकेत देने के बावजूद पर्यटकों के एक समूह ने चेतावनियों की अनदेखी की. जब पुलिस को इसके बारे में पता चला तो वहां पहुंची और सभी के कपड़े जब्त कर लिए.
अलेकान फॉल्स में प्रवेश पर प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य टूरिस्ट की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. मानसून के समय ये खतरनाक हो सकता है. पानी का प्लो तेज होता है और किसी की भी जान जा सकती है. इसलिए एंट्री बैन कर दिया गया है. जब फिर भी पर्यटक नहीं माने तो पुलिस ने पर्यटकों के कपड़े जब्त कर लिए.
#Karnataka Police take away clothes of tourists who defy the ban sign and enter the waterfall. Incident reported at #Chikkamagaluru #AlekanFalls #Charmadi @aranya_kfd @KarnatakaCops
Tourists let off after a warning pic.twitter.com/Nil9rt2kVn— Amit Upadhye (@AmitSUpadhye) July 12, 2024Also Read
वॉटर फॉल में जाने के लिए बैन सुरक्षा चिंताओं के कारण लगाया गया था, क्योंकि यह क्षेत्र फिसलन भरी चट्टानों और तेज़ पानी की धाराओं के लिए जाना जाता है. पर्यटकों के विरोध के जवाब में कर्नाटक पुलिस ने उनके कपड़े जब्त कर लिए और हिरासत में रखने और चेतावनी दी. हालांकि कुछ देर बाद सब को छोड़ दिया गया.
सुरक्षा चिंताओं के अलावा प्रतिबंध का उद्देश्य झरने के प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करना भी है. पर्यटकों की बढ़ती गतिविधि प्रदूषण और नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है. प्रवेश को सीमित करके, अधिकारी क्षेत्र की सुंदरता और अखंडता को संरक्षित करने के लिए काम कर रहे हैं. इस घटना पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. जहां कुछ लोग प्रतिबंध लागू करने के लिए निर्णायक कार्रवाई करने के लिए पुलिस की सराहना करते हैं, वहीं कुछ ने पुलिस के तरीके की आलोचना की है.