नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक स्टार्टअप कर्मचारी की पोस्ट तेजी से चर्चा में है. कर्मचारी ने दावा किया कि दिनभर काम करने के बाद वह रात में दवा लेने के कारण सो गया. इसी दौरान रात 2 बजे कंपनी की ओर से व्हाट्सऐप ग्रुप कॉल आया. फोन न उठाने पर कंपनी के लोगों ने उसकी मां से बात की और उन्हें कर्मचारी के व्यवहार पर खरी-खोटी सुनाई. यह दावा रेडिट पर साझा की गई एक पोस्ट में किया गया है.
कर्मचारी के मुताबिक उसकी मासिक सैलरी 23 हजार रुपये है और वह नियमित कार्यालय समय पूरा करने के बाद भी डेडलाइन के चलते देर रात तक काम कर रहा था. पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कॉर्पोरेट वर्क कल्चर और कर्मचारियों की निजी जिंदगी की सीमाओं को लेकर बहस शुरू हो गई.
पोस्ट के अनुसार युवक एक स्टार्टअप में काम करता है. उसने बताया कि वह सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक अपनी नियमित शिफ्ट पूरी कर चुका था. उसी दिन एक प्रोजेक्ट की डेडलाइन होने के कारण टीम देर रात तक काम कर रही थी. लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने से उसकी आंखों में दर्द होने लगा, जिसके बाद उसने दवा ली और आराम करने के लिए सो गया.
कर्मचारी के अनुसार रात करीब 2 बजे टीम ने व्हाट्सऐप ग्रुप कॉल किया. वह गहरी नींद में था, इसलिए कॉल रिसीव नहीं कर सका. लगातार फोन बजने से उसकी मां की नींद खुल गई और उन्होंने कॉल उठा लिया. पोस्ट में दावा किया गया कि इसके बाद कंपनी के लोगों ने कर्मचारी की बजाय उसकी मां को ही प्रोफेशनलिज्म और फुल-टाइम नौकरी का हवाला देते हुए बातें सुनाईं.
इस घटना के बाद कर्मचारी ने रेडिट पर लोगों से राय मांगी. उसने लिखा कि वह समझता है कि डेडलाइन के समय अतिरिक्त काम करना पड़ सकता है, लेकिन पूरे दिन काम करने के बाद रात 2 बजे तक उपलब्ध रहने की उम्मीद करना और परिवार के सदस्य से इस तरह बात करना उसे सही नहीं लगा. इसी वजह से उसने पूछा कि क्या उसे यह नौकरी छोड़ देनी चाहिए.
पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने कंपनी के कथित व्यवहार की आलोचना की. एक यूजर ने लिखा कि प्रोफेशनल बातचीत के लिए ईमेल या आधिकारिक माध्यम होने चाहिए, व्हाट्सऐप नहीं. दूसरे यूजर ने टिप्पणी की कि तय कार्य समय से अधिक काम के लिए उचित भुगतान होना चाहिए. कई लोगों ने कर्मचारी को दूसरी नौकरी तलाशने की सलाह भी दी.
इस पोस्ट के बाद इंटरनेट पर वर्क-लाइफ बैलेंस और कॉर्पोरेट संस्कृति को लेकर चर्चा तेज हो गई. कई यूजर्स ने कहा कि कर्मचारियों के निजी समय और परिवार का सम्मान किया जाना चाहिए. वहीं कुछ लोगों ने अतिरिक्त काम और प्रोफेशनल जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर भी अपनी राय साझा की. हालांकि पोस्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है.