इंदौर में एक सरकारी स्कूल की छात्राओं से जबरन कपड़े उतरवाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि स्कूल की लेडी टीचर को शक था कि कुछ छात्राएं स्कूल में मोबाइल लेकर आती हैं. इसी शक में स्कूल की लेडी टीचर ने छात्राओं को एकजुट किया और बारी-बारी से लड़कियों के कपड़े उतरवाकर चेक किया. कुछ छात्राओं का आरोप है कि स्कूल टीचर ने कुछ लड़कियों के अंडरगारमेंट्स तक उतरवा दिए. कुछ ऐसी लड़कियां भी थीं, जो पीरियड्स में थीं, उनके पैड्स तक हटवाकर मोबाइल चेकिंग की गई.
मामले की जानकारी के बाद जब लड़कियों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई तो आरोपी टीचर ने जबरन कपड़े उतरवाए जाने के आरोपों को गलत बताया. फिर इस मामले में इंदौर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई. हाई कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी लेडी टीचर के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है. कहा जा रहा है कि स्कूल की छात्राओं की ओर से थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद आरोपी टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी. मामले की जानकारी के बाद प्रशासन ने जांच कराने की बात कही थी, लेकिन छात्राएं और परिजन FIR दर्ज करने की मांग पर अड़े थे.
सरकारी स्कूल की करीब 5 छात्राओं ने लेडी टीचर के खिलाफ ये सनसनीखेज आरोप लगाए थे. आरोप था कि टीचर ने मोबाइल रखने के शक में उन्हें अपमानित किया. उन्हें जबरन न्यूड कर मोबाइल की जांच की गई. छात्राओं ने कहा कि टीचर की इस हरकत से हमें मानसिक आघात पहुंचा है, इसलिए हम लेडी टीचर के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं. मामले में इंदौर हाई कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार देर शाम आरोपी टीचर जया पंवार के खिलाफ FIR दर्ज की गई.
वहीं, मामले को लेकर इंदौर के कलेक्टर ने कहा कि घटना के संज्ञान में आने के बाद जांच पड़ताल की गई थी, जो पूरी हो गई है.सामने आया है कि लेडी टीचर ने छात्राओं का मानसिक उत्पीड़न किया है. उधर, कहा जा रहा है कि आरोपों के सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने आरोपी टीचर को एजुकेशन डिपार्टमेंट में अटैच कर दिया था, लेकिन इस कार्रवाई से असंतुष्ट चिन्मय मिश्रा नाम के व्यक्ति ने इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर दी. कोर्ट ने इस मामले पर प्रशासन से एक हफ्ते में जवाब मांगा था.
मामले की जानकारी के बाद प्रशासन ने एक जांच टीम स्कूल भेजी थी, जहां पीड़ित छात्राओं, सहकर्मियों, लेडी टीचर के भी बयान दर्ज किए गए. जांच कमेटी ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट बुधवार को कलेक्टर आशीष सिंह को सौंप दी थी. हाई कोर्ट के आदेश के बाद लेडी टीचर जया पंवार के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस ऐक्ट की धारा 76, 79 और 75 के तहत FIR दर्ज की गई.
छात्राओं की ओर से सनसनीखेज आरोप लगाए जाने के बाद लेडी टीचर ने खुद को बेकसूर बताते हुए आरोपों को बेबुनियाद बताया था. उन्होंने माना था कि चेकिंग हुई थी, लेकिन जिस तरह के आरोप छात्राओं की ओर से लगाए गए हैं, वे बिलकुल गलत हैं. उन्होंने ये भी कहा कि एक छात्रा के पास से मोबाइल भी बरामद हुआ था.