सोशल मीडिया पर एक रैपिडो राइडर की कहानी तेजी से वायरल हो रही है. इस कहानी ने पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं की हकीकत सामने ला दी है. X पर साक्षी नाम की यूजर ने 19 फरवरी को एक पोस्ट शेयर की. उन्होंने बताया कि वह काम से लौटते समय रैपिडो से घर जा रही थीं. रास्ते में राइडर ने उनसे पूछा कि वह क्या काम करती हैं. जब साक्षी ने बताया कि वह जॉब करती हैं, तो राइडर ने उनसे एक अलग ही सवाल कर दिया—“मैडम, अगर कहीं नौकरी हो तो बताइएगा.”
साक्षी ने जब उससे उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा तो वह चौंक गईं. राइडर ने बताया कि उसने मैथ्स में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री ली है. इसके बाद उसने B.Ed भी किया. सरकारी टीचर बनने के सपने के साथ उसने 5-6 साल तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की. दिन-रात पढ़ाई की, लेकिन उसे स्थायी नौकरी नहीं मिल सकी. आज हालात ऐसे हैं कि वह अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए रैपिडो चलाने को मजबूर है.
Few days ago, I booked rapido after getting back from work. Out of nowhere, he asked what I do for work. When I told him that I have a job, he said he was looking for any kind of work just to meet his daily needs. He asked if I could refer to him somewhere. For this purpose, I… pic.twitter.com/oN4EWVH3rS
— Sakshi (@333maheshwariii) February 19, 2026Also Read
इस घटना ने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. हम अक्सर छात्रों से कहते हैं कि खूब पढ़ाई करो, अच्छी डिग्री लो, एग्जाम की तैयारी करो, तब जिंदगी सेट हो जाएगी लेकिन जब कोई युवा सब कुछ ठीक से करता है, फिर भी उसे सुरक्षित नौकरी नहीं मिलती, तो सवाल खड़े होना लाजमी है. साक्षी ने अपनी पोस्ट में यही चिंता जताई. उन्होंने लिखा कि सिस्टम में कहीं न कहीं बड़ी कमी है.
यह सिर्फ एक राइडर की कहानी नहीं है. देश में ऐसे कई युवा हैं जो ऊंची पढ़ाई के बाद भी मनचाही नौकरी नहीं पा रहे. मजबूरी में उन्हें छोटे-मोटे काम करके घर चलाना पड़ रहा है. यह घटना बताती है कि डिग्री होना ही काफी नहीं है. जरूरत है ऐसे सिस्टम की, जहां पढ़ाई के बाद युवाओं को सम्मानजनक रोजगार भी मिल सके.