पटना: इसबार बकरीद पूरे अकीदत के साथ मनाया जाएगा. जहां राजधानी पटना के बकरा बाजारों में त्योहार से पहले जबरदस्त चहल-पहल देखने को मिल रही है, वहीं इस साल का माहौल कुछ अलग है. आमतौर पर 'सलमान' और 'शाहरुख' नाम के बकरों का बाजारों में दबदबा रहता था लेकिन इस साल, 'सोनू-मोनू' की जोड़ी और 'धुरंधर' नाम के बकरे ने सारी सुर्खियां बटोर ली हैं.
पटना के राजाबाजार बकरा मंडी में, 'धुरंधर' नाम का बकरा इस बार हर किसी के आकर्षण का केंद्र बन गया है. वह न सिर्फ अपने नाम की वजह से बल्कि अपनी कीमत की वजह से भी लोगों का ध्यान खींच रहा है. उसकी कीमत ₹1 लाख से ज्यादा आंकी गई है. वहीं मुसल्लहपुर हाट मार्केट कमेटी परिसर में स्थित बकरा मंडी में खरीदार 'सोनू' और 'मोनू' नाम के बकरों के दीवाने हो रहे हैं, जिनमें से हर एक का वजन लगभग 40 किलोग्राम है.
इस साल बकरों की आसमान छूती कीमतों ने खरीदारों के पसीने छुड़ा दिए हैं. पिछले एक साल के अंदर ही कीमतों में 250 से 300 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है. 8 से 10 किलोग्राम वन वाली एक बकरी जिसे पिछले साल तक आसानी से ₹10,000 में खरीदा जा सकता था, अब ₹30,000 तक की कीमत पर बिक रही है.
स्थानीय खरीदार नूरुद्दीन अंसारी बताते हैं कि जहां आमतौर पर कीमतें सालाना 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ती थीं, वहीं इस साल कीमतों में आया उछाल सचमुच चौंकाने वाला है.
नेहरू पथ और बाजार समिति बाजारों में बकरियों की शुरुआती कीमत ₹15,000 से ₹20,000 के बीच है, जबकि अधिकतम कीमत बढ़कर ₹1.75 लाख से ₹2 लाख के बीच पहुंच गई है. इस साल सबसे महंगी बकरी उत्तर प्रदेश के बलिया से आई है. 'सुल्तान' नाम की इस बकरी का वजन 100 किलोग्राम है और इसकी कीमत ₹1.75 लाख रखी गई है.
गोपालगंज से लाई गई 90 किलोग्राम वजन वाली एक बकरी की कीमत ₹1.5 लाख है. बाजार में इस समय राजस्थान की मशहूर 'तोतापरी' नस्ल और उत्तर प्रदेश की 'देशीला' नस्ल की बकरियों की भारी मांग देखी जा रही है.