नई दिल्ली: नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा विवादों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) अपने प्रशासनिक और तकनीकी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है. एजेंसी ने चार जनरल मैनेजर और 16 यंग प्रोफेशनल्स की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है. इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाना है. यह भर्ती प्रो. के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करने की दिशा में अहम पहल मानी जा रही है.
एनटीए ने चार जनरल मैनेजर पदों के लिए तीन वर्ष के अनुबंध पर आवेदन आमंत्रित किए हैं. पहला पद असेसमेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एंड साइकोमेट्रिक्स का है. इस पद पर नियुक्त अधिकारी प्रश्न बैंक तैयार करने, परीक्षा नॉर्मलाइजेशन, कंप्यूटर अडैप्टिव टेस्टिंग और एआई आधारित मूल्यांकन प्रणाली का नेतृत्व करेगा. इसके लिए साइकोमेट्रिक्स, एजुकेशनल मेजरमेंट या सांख्यिकी में पीएचडी और कम से कम 12 वर्ष का अनुभव जरूरी है.
दूसरा पद टेस्ट सेंटर नेटवर्क एंड ऑपरेशंस का है. चयनित अधिकारी देशभर के 500 से अधिक परीक्षा केंद्रों के संचालन, गुणवत्ता जांच, दिव्यांग अभ्यर्थियों की सुविधाओं और राज्य प्रशासन के साथ समन्वय की जिम्मेदारी संभालेगा. इसके लिए बड़े स्तर के परीक्षा नेटवर्क संचालन का अनुभव आवश्यक है.
तीसरा पद इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी का है. इस पद पर नियुक्त अधिकारी एनटीए के चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर के रूप में कार्य करेगा और साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण, सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर तथा डिजिटल सुरक्षा मानकों के पालन की निगरानी करेगा. अभ्यर्थी के पास साइबर सुरक्षा क्षेत्र में 12 वर्ष का अनुभव होना चाहिए.
चौथा पद विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन एंड फॉरेंसिक्स का है. यह अधिकारी परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों, पेपर लीक और डिजिटल फॉरेंसिक जांच की जिम्मेदारी संभालेगा. साथ ही सीबीआई, ईडी, आईबी और साइबर क्राइम एजेंसियों के साथ समन्वय करेगा.
इसके अलावा एनटीए पहली बार यूपीएससी के प्रतिभा सेतु पोर्टल के माध्यम से 16 यंग प्रोफेशनल्स की भर्ती करेगा. इनमें 12 पद एकेडमिक रिसर्च, दो लीगल रिसर्च और दो वित्त एवं लेखा विभाग के लिए हैं. आवेदन वही अभ्यर्थी कर सकते हैं जिनका नाम यूपीएससी प्रतिभा सेतु पोर्टल पर सूचीबद्ध है. चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति 24 महीने के लिए होगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर 36 महीने तक बढ़ाया जा सकता है.