उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों की राहत के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 27 जुलाई से मॉनसून दोबारा सक्रिय होगा और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला तेज हो सकता है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में ज्यादा स्थानों पर जबकि पश्चिमी हिस्से में भी कई जिलों में अच्छी बारिश होने के आसार हैं. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के अंतिम दिनों से लेकर अगस्त के शुरुआती सप्ताह तक बारिश का दौर बना रह सकता है.
मौसम विभाग के अनुसार 27 जुलाई से प्रदेश में मॉनसून की गतिविधियां तेज होंगी. पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी बारिश की संभावना जताई गई है. 28 जुलाई को पूर्वी प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों और पश्चिमी क्षेत्र के कई जिलों में अच्छी बारिश होने के संकेत हैं.
मौसम विभाग ने बारिश के साथ बादलों की तेज गर्जना और कुछ स्थानों पर वज्रपात की चेतावनी भी दी है. 26 जुलाई को भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन 27 जुलाई के बाद मौसम तेजी से बदल सकता है. लगातार बारिश से उमस कम होगी और किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई में अच्छी वर्षा के बाद अगस्त की शुरुआत भी अनुकूल रह सकती है. मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार पूर्वी हवाएं लगातार नमी ला रही हैं. यही वजह है कि मॉनसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर पड़ने के बजाय और मजबूत होने के संकेत दे रही है.
लखनऊ में दिन की शुरुआत बादलों के साथ होने की संभावना है. अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. कानपुर में शनिवार को तेज बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया. बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव और मानसून ट्रफ के असर से शहर में अच्छी वर्षा दर्ज की गई.
मेरठ में शनिवार को दो घंटे तक हुई तेज बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया. जुलाई में अब तक 491.7 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 से 31 जुलाई के बीच मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. यदि ऐसा हुआ तो इस महीने मेरठ में बारिश का नया रिकॉर्ड भी बन सकता है.