ग्रेटर नोएडा वेस्ट में समस्याएं लगातर बढ़ती नजर आ रही हैं. एक बार फिर हाईराइज सोसाइटी में करोड़ों रुपये खर्च कर रहे लोगों का जीवन बर्बाद हो गया है. पंचशील ग्रीन्स-2 से सामने आई एक वीडियो ने हड़कंप मचा दिया. सुबह करीब 6 बजे एक फ्लैट के स्प्रिंकलर सिस्टम से अचानक पानी गिरना शुरू हो गया. कुछ ही देर में पूरा घर पानी से भर गया. कई घंटों तक मेंटेनेंस के चक्कर लगाए गए और कॉल किया लेकिन कोई समाधान नहीं मिल पाया. इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
घटना सुबह उस समय शुरू हुई जब फ्लैट में लगे फायर स्प्रिंकलर सिस्टम से लगातार पानी गिरने लगा. शुरुआत में परिवार को लगा कि शायद मामूली तकनीकी दिक्कत होगी लेकिन कुछ ही मिनटों में पानी तेजी से पूरे घर में फैल गया. कमरे, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान पानी में डूबने लगे. परिवार के लोगों ने तुरंत मेंटेनेंस टीम को कॉल करना शुरू किया लेकिन घंटों तक कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा. फ्लैट मालिक का कहना है कि करीब छह घंटे तक हालात बेहद खराब रहे और घर पूरी तरह पानी से भर गया था. इस दौरान शॉर्ट सर्किट और करंट फैलने का भी डर बना रहा.
Greater Noida West: panchseel greens 2 में सुबह 6 बजे से रूम के स्प्रिंकलर से पानी गिर रहा. पूरे घर में पानी भर गया. यही हाल हैं high rise societies का. मेंटेनेंस घोड़े बेच कर सो रही.@dmgbnagar @GreaterNoidaW @WestGreno @NoidaMediaClub @OfficialGNIDA#Noida #Noidanews pic.twitter.com/Wp6v3MuDrC
— Ashutosh Rai (@AshutoshRai__) May 22, 2026
निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी में हर महीने भारी-भरकम मेंटेनेंस चार्ज लिया जाता है लेकिन जरूरत पड़ने पर सुविधाएं नदारद रहती हैं. पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने कई बार फोन किया, सोसाइटी ऑफिस के चक्कर लगाए और लगातार मदद मांगी लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं दिया गया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है. लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी खरीदने के बावजूद अगर बुनियादी सुरक्षा और इमरजेंसी सपोर्ट नहीं मिले, तो ऐसी हाईराइज सोसाइटी का कोई फायदा नहीं.
इस घटना के बाद पंचशील ग्रीन्स-2 समेत ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसाइटियों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिल्डर लगातार नई टावर परियोजनाएं लॉन्च कर रहे हैं लेकिन मौजूदा निवासियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा. लोगों का आरोप है कि मेंटेनेंस सिर्फ फीस वसूलने तक सीमित रह गया है.