तमिलनाडु के प्रसिद्ध अन्नामलैयार मंदिर के पास स्थित संकरे मोक्ष मार्ग में हुई एक श्रद्धालु की मौत के बाद अब वहां की सुरक्षा व्यवस्था चर्चा का विषय बन गई है. हाल ही में सामने आए एक पुराने वीडियो ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. वीडियो में एक महिला उसी रास्ते में फंसी दिखाई देती है, जिसे बाद में सुरक्षित बाहर निकाला गया था. इस घटना के बाद श्रद्धालु बेहतर सुरक्षा इंतजाम की मांग कर रहे हैं.
24 जुलाई को आंध्र प्रदेश के 36 वर्षीय मणिकुमार अरुणाचला पहाड़ी की गिरिवलम यात्रा के दौरान मोक्ष मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे थे. संकरी चट्टानी दरार में फंसने के बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी. स्थानीय लोगों और बचाव दल ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
A few days ago, Manikumar (36) from Rajamahendravaram, Andhra Pradesh, got trapped in the narrow rock passage known as Moksha Margam (Moksha road) on the southern path of Arunachala Giri in Tiruvannamalai. He suffered severe breathing problems and later died.
— Aparajite (@amshilparaghu) July 28, 2026
Now, just days… pic.twitter.com/jTQkn7EcJ9
इस हादसे के बाद कई महीने पुराना एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा. वीडियो में एक महिला उसी संकरे रास्ते में फंसी हुई दिखाई देती है. वह कई मिनट तक बाहर नहीं निकल पाती, जबकि आसपास मौजूद लोग और बचाव दल उसे निकालने की कोशिश करते हैं. आखिरकार महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था.
दो समान घटनाओं के सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है. उनका कहना है कि ऐसे संकरे मार्ग पर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं. साथ ही भीड़ नियंत्रण, प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और जोखिम वाले लोगों के प्रवेश पर रोक जैसे कदम उठाए जाने चाहिए.
यह संकरा चट्टानी मार्ग इडुक्कू पिल्लैयार मंदिर के पास स्थित है और गिरिवलम यात्रा का हिस्सा माना जाता है. स्थानीय मान्यता है कि इस रास्ते से गुजरने पर बाधाएं दूर होती हैं और आध्यात्मिक मुक्ति का मार्ग खुलता है. हालांकि यह विश्वास स्थानीय परंपराओं पर आधारित है और स्थापित हिंदू धर्मग्रंथों में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता.
हालिया घटना के बाद सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु चाहते हैं कि धार्मिक आस्था के साथ सुरक्षा को भी समान महत्व दिया जाए. उनका मानना है कि उचित प्रबंधन और सुरक्षा उपायों से भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सकता है. इससे श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे और किसी अनहोनी की आशंका भी कम होगी.