नई दिल्ली: नौकरी की तलाश में भटक रहे एक युवक के साथ ऐसा धोखा हुआ, जिसने उसकी मेहनत की कमाई ही नहीं बल्कि भविष्य की उम्मीदों को भी बड़ा झटका दे दिया. सहायक टीचर की सरकारी नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर जालसाजों ने युवक से लाखों रुपये ऐंठ लिए. हैरानी की बात यह है कि ठगों ने भरोसा जीतने के लिए युवक को फर्जी जॉइनिंग लेटर भी दिया. इनके आधार पर युवक ने बैंक से लोन भी ले लिया.
मामला उत्तर प्रदेश के मुसाफिरखाना क्षेत्र का है. ग्राम बगिया कैलाश निवासी धर्मेंद्र कुमार यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और बताया कि फरवरी 2023 में वह रोजगार की तलाश में राजीव गांधी पॉलिटेक्निक पहुंचे थे. जहां उनके साथ ये जालसाजी हुई. आरोपी ने युवक से नौकरी दिलाने का वादा किया था.
धर्मेंद्र ने बताया कि राजीव गांधी पॉलिटेक्निक में उनकी मुलाकात अमित द्विवेदी नाम के एक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को एक शिक्षण संस्थान से जुड़ा बताया. आरोपी ने नौकरी के बदले 10 लाख रुपये की मांग की थी.
शुरुआत में उन्होंने नौकरी लगने के बाद पैसे देने की बात कही, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी नियुक्ति आदेश और ज्वाइनिंग लेटर तैयार कर धर्मंद्र को सौंप दिया. दस्तावेज इतने वास्तविक लग रहे थे कि धर्मेंद्र को उन पर शक तक नहीं हुआ.
पीड़ित ने आगे बताया कि उन्होंने इन डॉक्यूमेंट्स को फैजाबाद स्थित SBI बैंक में जमा कर 10 लाख रुपये का लोन लिया. लोन की राशि मिलने के बाद धर्मेंद्र ने अप्रैल 2023 में अलग-अलग किश्तों में करीब 8 लाख रुपये आरोपी अमित द्विवेदी के खाते में ट्रांसफर कर दिए. बाकी की रकम भी कथित तौर पर ठग ली गई.
जब धर्मेंद्र अपनी ज्वाइनिंग वाले दिन कॉलेज पहुंचे, तो वहां न तो आरोपी मिला और न ही उन्हें पढ़ाने की अनुमति दी गई. इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ बड़ा स्कैम हो चुका है. काफी समय तक आरोपियों ने उन्हें टालमटोल किया और बाद में केवल 1 लाख 27 हजार रुपये लौटाए.
आगे पीड़ित ने आरोप लगाया कि बाकी पैसे मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी.धर्मेंद्र ने अमित द्विवेदी समेत कॉलेज से जुड़े अन्य लोगों पर साजिश कर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है.
अब मामले में पुलिस ने शिकायत और बैंक स्टेटमेंट के आधार पर केस दर्ज कर लिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी.