नई दिल्ली: होर्मुज संकट की वजह से भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में तेल संकट गहराता जा रहा है. तेल लदे जहाजों का आवागमन इस प्रमुख समुद्री मार्ग से होकर ठप होने की वजह से दुनिया के कई देशों में तेल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. इसी बीच दो और ऐसी ख़बरें आई है, जो होर्मुज में जारी संकट को और अधिक बढ़ा सकती है.
दरअसल, अमेरिका की ट्रंप सरकार ने दुनिया के कई देशों को रुसी तेल खरीदने की छूट दी थी, जिससे मिडल ईस्ट से तेल सप्लाई ठप होने की वजह से संकट का सामना कर रहे देशों को कुछ समय के लिए राहत मिली थी, क्योंकि छूट की समय तय थी. कई देश ये उम्मीद कर रहे थे कि छूट की समय सीमा में बढ़ोतरी की जा सकती है, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इसमें छूट देने से इंकार कर दिया है, जिससे ये समय सीमा अब ख़त्म हो गई है.
वही एक और खबर है, जो इस संकट के समय में मुश्किलों में और अधिक इजाफा कर सकती है. दरअसल रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग के क्रम में यूक्रेन ने रूस की एक बड़ी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया है, जिसमें कई लोगों के हताहत होने की सूचना है. जानकारी के मुताबिक इस हमले में 4 लोगों की मौत हो चुकी है. दुनिया भर में इस तरह से तेल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, उसमें इस तरह की घटनाएं आग में घी डालने का काम कर रही है और लोगों की परेशानी अभी और अधिक बढ़ने वाली है.
बता दें कि US द्वारा किए गए हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दुनिया के प्रमुख समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट से होकर जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा रखी है, जिससे कई देशों में तेल स्टॉक ख़त्म होने की कगार पर है. भारत जैसे विकासशील देश में तेल को लेकर जारी संकट के और अधिक बढ़ने पर लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.