नई दिल्ली: अमेरिकी वैज्ञानिक हेंज वॉन फॉर्स्टर ने 1960 में अपने मॉडल के आधार पर चेतावनी दी थी बहुत जल्द दुनिया खत्म होने वाली है. उन्होंने कहा था कि तेजी से बढ़ती जनसंख्या पृथ्वी के संसाधनों पर भारी दबाव डाल सकती है. उन्होंने 13 नवंबर 2026 को संभावित संकट की तारीख बताया था. हालांकि वैज्ञानिक दुनिया के अचानक खत्म होने की इस संभावना से इनकार करते हैं.
हेंज वॉन फॉर्स्टर एक जाने माने भौतिकशास्त्री और साइबरनेटिक्स विशेषज्ञ थे. उन्होंने 1960 में अपनी टीम के साथ एक रिसर्च की थी जिसमें दुनिया की तेजी से बढ़ती आबादी को लेकर गंभीर चेतावनी दी गई थी. उनका मानना था कि अगर जनसंख्या इसी रफ्तार से बढ़ती रही तो पृथ्वी के संसाधन एक समय के बाद जवाब दे देंगे. वैज्ञानिक ने अपनी गणना में 13 नवंबर 2026 की तारीख बताई थी. उन्होंने इसे किसी धार्मिक विश्वास या अंधविश्वास से नहीं जोड़ा बल्कि पूरी तरह गणितीय मॉडल के आधार पर यह डेट निकाली थी. उनका कहना था कि उस समय तक पृथ्वी पर इंसानों की संख्या इतनी ज्यादा हो सकती है कि संसाधनों पर असहनीय दबाव पड़ने लगे.
आधुनिक वैज्ञानिकों का मानना है कि 13 नवंबर 2026 को दुनिया अचानक खत्म होने की संभावना बेहद कम है. हालांकि विशेषज्ञ यह जरूर मानते हैं कि क्लाइमेट चेंज, जल संकट, प्रदूषण और संसाधनों की कमी जैसी समस्याएं लगातार गंभीर होती जा रही हैं. आज दुनिया की आबादी 8 अरब से ज्यादा हो चुकी है और कई देश पानी, भोजन और ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं. बता दें की हेंज वॉन फॉर्स्टर ने जिस खतरे की बात की थी उसके कई संकेत आज दिखाई दे रहे हैं. दुनिया के कई हिस्सों में सूखा, बाढ़, जंगलों में आग और खाद्य संकट तेजी से बढ़ रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण मौसम का संतुलन बिगड़ रहा है और प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी तारीख भले ही सटीक न हो लेकिन उनकी चेतावनी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.