नई दिल्ली: घर में बिजली का इस्तेमाल सामान्य है, लेकिन मीटर तेजी से चल रहा है और बिल अचानक ज्यादा आने लगा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कई बार लोग ऐसी स्थिति में सबसे पहले मीटर को खराब मान लेते हैं. हालांकि, समस्या घर की वायरिंग या किसी इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की वजह से भी हो सकती है.
बिजली के मीटर में लगी लाल बत्ती बिजली की खपत के हिसाब से ब्लिंक करती है. बिजली का लोड बढ़ने पर यह लाइट तेजी से ब्लिंक कर सकती है. इसलिए केवल लाल बत्ती के तेजी से जलने को मीटर खराब होने का संकेत नहीं माना जा सकता.
अगर घर में ज्यादा बिजली वाले उपकरण नहीं चल रहे हैं और इसके बावजूद मीटर की लाल बत्ती लगातार तेजी से ब्लिंक कर रही है, तो सबसे पहले घर का इलेक्ट्रिकल लोड और वायरिंग चेक करवानी चाहिए. इसके लिए किसी योग्य इलेक्ट्रीशियन की मदद लेना बेहतर है.
कई बार घर की वायरिंग में मामूली खराबी बिजली की खपत बढ़ा सकती है. उदाहरण के लिए किसी फैन बॉक्स में इंसुलेशन खराब होने से तार का कंडक्टिव हिस्सा दूसरे हिस्से के संपर्क में आ सकता है. ऐसी स्थिति में बिजली का अनचाहा प्रवाह हो सकता है और मीटर सामान्य से ज्यादा तेजी से चल सकता है.
इसी तरह किसी स्विच बोर्ड, प्लग बोर्ड या पुराने तार में खराबी होने पर भी बिजली की खपत प्रभावित हो सकती है. इसलिए ऐसी स्थिति में केवल मीटर की जांच कराने के बजाय घर की पूरी वायरिंग की जांच भी जरूरी है.
अगर बिना ज्यादा इस्तेमाल के बिजली का बिल बढ़ रहा है, तो इलेक्ट्रीशियन से घर के सभी इलेक्ट्रिक उपकरणों और स्विच बोर्ड का लोड चेक करवाएं. फैन बॉक्स, प्लग, स्विच, तार और अन्य कनेक्शन भी ध्यान से जांचे जाने चाहिए.
कई बार फॉल्ट इतना छोटा होता है कि सामान्य रूप से दिखाई नहीं देता, लेकिन उसका असर मीटर की रफ्तार और बिजली के बिल पर पड़ सकता है. इसलिए किसी भी तरह की वायरिंग की समस्या को खुद ठीक करने की कोशिश न करें और विशेषज्ञ की मदद लें.
अगर मीटर की लाल बत्ती ब्लिंक करने के बजाय लगातार जलती रहती है और कुछ समय बाद अपने आप ब्लिंक करने लगती है, तो मीटर की खराबी की संभावना हो सकती है. ऐसी स्थिति में बिजली विभाग या अधिकृत तकनीशियन से मीटर की जांच करवानी चाहिए.
इसलिए अगली बार मीटर की लाल बत्ती तेजी से जलती दिखाई दे और बिजली का बिल भी बढ़ा हुआ आए, तो तुरंत मीटर को दोष न दें. पहले घर के इलेक्ट्रिकल लोड और वायरिंग की जांच करवाएं. इससे वास्तविक समस्या का पता लगाने में मदद मिल सकती है.