नई दिल्ली: आधार कार्ड आज पहचान से जुड़े सबसे जरूरी दस्तावेजों में शामिल है. बैंकिंग से लेकर सरकारी योजनाओं और कई दूसरी सेवाओं तक, अलग-अलग जगह इसका इस्तेमाल होता है. ऐसे में आधार में दर्ज जन्मतिथि गलत होने पर परेशानी बढ़ सकती है. खासकर तब, जब पहले भी जन्मतिथि में बदलाव कराया जा चुका हो. दूसरी बार DoB सुधारने के लिए सामान्य अपडेट की तरह प्रक्रिया नहीं अपनाई जा सकती और दस्तावेजों की जांच अहम हो जाती है.
कई लोगों को लगता है कि आधार में जन्मतिथि सिर्फ एक बार ही बदली जा सकती है. हालांकि, UIDAI के मुताबिक DoB अपडेट के लिए कोई निश्चित अधिकतम संख्या तय नहीं है. लेकिन एक बार जन्मतिथि अपडेट होने के बाद दोबारा बदलाव की रिक्वेस्ट को सामान्य अपडेट नहीं माना जाता. ऐसे मामलों में अतिरिक्त जांच हो सकती है और आवेदक से जन्मतिथि साबित करने के लिए मजबूत प्रमाण मांगे जा सकते हैं.
जन्मतिथि साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है. अगर पहली बार आधार में DoB किसी दूसरे दस्तावेज के आधार पर दर्ज हुई थी, तो दोबारा सुधार के समय जन्म प्रमाण पत्र जैसे मजबूत प्रमाण की जरूरत पड़ सकती है. वहीं, अगर पहले जन्म प्रमाण पत्र दिया गया था और उसमें ही गलती थी, तो संशोधित रिकॉर्ड के आधार पर नया प्रमाण देना पड़ सकता है. कुछ मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज या शपथ पत्र भी मांगा जा सकता है.
अगर आधार में दर्ज जन्मतिथि की गलती की वजह खुद जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज गलत जानकारी है, तो सीधे आधार में बदलाव कराने के बजाय पहले संबंधित जन्म रिकॉर्ड को ठीक कराना जरूरी होगा. रिकॉर्ड में सुधार होने के बाद संशोधित या नया जन्म प्रमाण पत्र आधार में DoB अपडेट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इस दौरान सभी दस्तावेजों में दर्ज जन्मतिथि का एक-दूसरे से मेल खाना महत्वपूर्ण है, क्योंकि अलग-अलग रिकॉर्ड में अंतर होने पर जांच बढ़ सकती है.
अगर आधार बनवाते समय आपने सही दस्तावेज जमा किए थे, लेकिन डेटा दर्ज करते वक्त ऑपरेटर से जन्मतिथि गलत भर गई, तो मामला अलग तरीके से देखा जा सकता है. ऐसी स्थिति में पहले जमा किए गए दस्तावेज और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है. अगर जांच में सामने आता है कि गलती आपकी ओर से नहीं, बल्कि डेटा दर्ज करने के दौरान हुई थी, तो UIDAI के नियमों के अनुसार सुधार की अलग प्रक्रिया अपनाई जा सकती है.
दूसरी बार जन्मतिथि बदलने की जरूरत पड़ने पर जल्दबाजी में आवेदन करने के बजाय पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज जांच लेना बेहतर है. खासतौर पर जन्म प्रमाण पत्र और अन्य रिकॉर्ड में दर्ज तारीख समान होनी चाहिए. अगर जन्म प्रमाण पत्र में गलती है, तो पहले उसे संबंधित रिकॉर्ड में ठीक कराएं. वहीं, आधार सेंटर से हुई गलती का मामला है तो पुराने दस्तावेज और रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हो सकते हैं. इससे सही प्रक्रिया अपनाने में मदद मिलेगी.