नई दिल्ली: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की मदद तीन बराबर किस्तों में दी जाती है. यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है. लेकिन किस्त पाने के लिए केवल पीएम किसान में पंजीकरण होना पर्याप्त नहीं है. किसान की जमीन से जुड़ी जानकारी भी सरकारी रिकॉर्ड में सही और सत्यापित होना जरूरी है.
यही वजह है कि पीएम किसान में लैंड सीडिंग की जानकारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है. आसान भाषा में समझें तो इसमें किसान की जमीन का विवरण योजना के रिकॉर्ड से जोड़ा और सत्यापित किया जाता है. अगर इस रिकॉर्ड में कोई समस्या है, तो भुगतान प्रभावित हो सकता है. ऐसे में किस्त का इंतजार कर रहे किसानों को कुछ जरूरी जानकारियां जरूर जांचनी चाहिए.
लैंड सीडिंग का मतलब किसान की जमीन से जुड़ी जानकारी को पीएम किसान के रिकॉर्ड से जोड़ना और उसका सत्यापन करना है. योजना का लाभ उन्हीं लैंडहोल्डिंग किसान परिवारों को मिलता है जिनकी पात्रता राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड के आधार पर तय होती है. इसलिए किसान के नाम और जमीन से जुड़ी जानकारी का सरकारी रिकॉर्ड में सही होना जरूरी है.
पीएम किसान की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है. इसके लिए किसान की पात्रता और जरूरी रिकॉर्ड का सत्यापन होना आवश्यक है. अगर जमीन की जानकारी में कोई समस्या है या पात्रता की जांच पूरी नहीं हुई है, तो भुगतान में परेशानी आ सकती है. इसलिए किस्त नहीं आने पर लैंड रिकॉर्ड की स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
अगर पीएम किसान के स्टेटस में लैंड सीडिंग से जुड़ी समस्या दिखाई देती है, तो किसान को अपने राज्य के भूमि रिकॉर्ड में नाम और जमीन का विवरण जांचना चाहिए. रिकॉर्ड में गलती मिलने पर संबंधित राजस्व विभाग या राज्य सरकार की निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से सुधार कराया जा सकता है. इससे जमीन से जुड़ी जानकारी को सही कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है.
किसान पीएम किसान की वेबसाइट पर उपलब्ध ‘नो योर स्टेटस’ सुविधा के जरिए भुगतान और ई केवाईसी से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं. इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि किस्त से संबंधित स्थिति क्या है. यदि जमीन से जुड़ी जानकारी में कोई समस्या सामने आती है, तो उसे समय रहते संबंधित विभाग के माध्यम से ठीक कराने की कोशिश करनी चाहिए.
किस्त पाने के लिए जमीन का रिकॉर्ड सही होना जरूरी है, लेकिन यही एकमात्र शर्त नहीं है. पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ई केवाईसी भी अनिवार्य है. इसके साथ पात्रता और बैंक खाते से जुड़े विवरण भी सही होने चाहिए. इसलिए किस्त अटकने पर किसान को केवल लैंड सीडिंग ही नहीं, बल्कि ई केवाईसी और पेमेंट स्टेटस भी जांचना चाहिए.