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ChatGPT ने खाई वकील की नौकरी, टारगेट पूरा करने के लिए किया था इस्तेमाल लेकिन हो गया गुड़ गोबर

ChatGPT: बिजसनेस इंसाइडर रिपोर्ट के मुताबिक 29 वर्षीय जकारिया क्रैबिल जो लॉ फर्म Baker Law Group में काम करते थे. लेकिन उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया .

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Gyanendra Tiwari
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ChatGPT: वर्तमान समय में एआई टूल्स का इस्तेमाल तेजी के साथ किया जा रहा है. अगर आप भी अपना काम करने के लिए चैटजीपीटी या फिर अन्य एआई टूल्स की मदद लेते हैं तो सावधान हो जाएं. दरअसल, एक वकील ने डेडलाइन के अंदर काम पूरा करने के लिए चैटजीपीटी का सहारा लिया. उसे लगा कि चीजे आसान हो जाएंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. चैटजीपीटी ने गलत परिदृश्य तैयार कर दिया, जिसका नतीजा यह हुआ कि लॉ फर्म ने वकील को नौकरी से निकाल दिया. 

बिजनेस इंसाइडर रिपोर्ट के मुताबिक 29 वर्षीय जकारिया क्रैबिल जो लॉ फर्म Baker Law Group में काम करते थे. लेकिन उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि उन्होंने चैटजीपीटी पर भरोसा करके काम किया जिसने उनके काम को गुड-गोबर कर दिया. क्रैबिल ने बिजनेस इंसाइडर को यह जानकारी दी है.

 

प्रेशर में काम पूरा करने के लिए लिया चैटजीपीटी का सहारा 
 

जकारिया क्रैबिल पर पहले से काम का प्रेशर था और जब ऊपर से उनके बॉसे ने और काम दे दिया और कहा कि तय समय के अंदर काम करके दें. समय से काम करने के लिए क्रैबिल ने पहले भी चैटजीपीट का इस्तेमाल किया था. उन्होंने काम पूरा करने के लिए चैटजीपीटी का फिर से इस्तेमाल किया लेकिन इस बार ChatGpt ने क्रैबिल का काम ऐसा किया कि उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा. क्रैबिल को लगा कि ChatGpt जैसे पहले कई दफा उनकी नौकरी बचा चुका है. उन्होंने प्रेशर में फिर से चैटजीपीटी का सहारा लेकर काम पूरा करना चाहा था.
 

कोर्ट को बताया कि इस्तेमाल किया AI टूल
 

कोलोराडो केस के संबंध में क्रैबिल को ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कहा गया था. उन्होंने चैटजीपीटी से ड्राफ्ट तैयार किया और उसे सबमिट कर दिया. क्रैबिल एआई के काम को वेरीफाई करना भूल गए थे. वो फाइल कोर्ट में सबमिट की गई. बाद में पता चला कि उन्होंने जो ड्राफ्ट तैयार किया है वो गलत है. कोर्ट के सामने क्रैबिल ने कबूल किया कि उन्होंने डॉक्यूमेंट को इंप्रूवमेंट करने के लिए एआई चैटबोट का सहारा लिया है.
 

शुरू की खुद की कंपनी


नौकरी जाने के बाद भी क्रैबिल को ये विश्वास है कि एआई वकीलों की कानूनी दक्षता को बढ़ाने में मदद करता है. इसके बाद उन्होंने खुद की लीगल कंपनी शुरू कर दी. वो एआई की मदद से लीगल सर्विस प्रदान करते हैं. कानूनी सिलसिले में ऐसा पहली बार नहीं हुआ का एआई टूल का इस्तेमाल किया गया है. इससे पहले जून में अमेरिका के न्यूयॉर्क फर्म ने चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने को लेकर एक वकील पर 5 हजार डॉलर का फाइन लगाया था. 

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