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बजट से पहले ही हिल गया शेयर मार्केट, खुलते ही 500 प्वाइंट नीचे चला गया Sensex

Budget 2024: बजट पेश किए जाने से ठीक पहले भारत का शेयर मार्केट नीचे की ओर चला गया. सोमवार को मार्केट खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी को शुरुआती झटका लगा है. काफी समय से रफ्तार भर रहे भारतीय शेयर बाजार के लिए यह झटका उतना बड़ा नहीं है. हालांकि, अभी भी शेयर मार्केट को बजट से काफी उम्मीदें हैं और कल होने वाले ऐलानों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं.

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बजट से पहले ही हिल गया शेयर मार्केट, खुलते ही 500 प्वाइंट नीचे चला गया Sensex
Courtesy: Social Media

देश का बजट कल पेश किया जाएगा. इससे पहले, संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है और आज ही इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाना है. इकोनॉमिक सर्वे और बजट से पहले ही शेयर मार्केट को तगड़ा झटका लगा है. सोमवार को मार्केट खुलते ही BSE का सेंसेक्स 500 अंक फिसला. वहीं, निफ्टी को भी 150 अंकों का शुरुआती झटका लगा. बता दें कि आज इकोनॉमिक सर्वे और कल देश का बजट पेश होने से पहले शेयर मार्केट ने गोते लगाने शुरू कर दिए हैं. ऐसे में देखना होगा कि सरकार बजट में क्या लाती है जिससे बाजार को स्थिरता मिलेगी. बाजार को भी उम्मीद है कि इस बार के बजट में कुछ ऐसे ऐलान होंगे जिससे उसे और रफ्तार मिलेगी.

पिछले कारोबारी दिन पर सेंसेक्स 80604,65 पर बंद हुआ था. सोमवार को मार्केट खुला तो यह 200 प्वाइंट नीचे था. अगले पांच मिनट में 500 अंकों की गिरावट हुई और यह 80,103,77 पर पहुंच गया. यही हाल निफ्टी का भी रहा और पिछले कारोबारी दिन के स्तर 24,530 की तुलना में यह 24,445 से इसने शुरुआत की. थोड़ी ही देर में 147.50 अंकों की गिरावट हुई और निफ्टी 24,383 पर पहुंच गया.

कहां हुई गिरावट?

आज जिन शेयरों में गिरावट देखी गई उनमें सबसे आगे कोटक बैंक के शेयर थे. इनमें शुरुआत में ही 3.52 पर्सेंट की गिरावट दिखी और इसके शेयर के दाम 1757 रुपये पर पहुंच गए. वहीं, रिलायंस के शेयर में 2.01 पर्सेंट की गिरावट हुई और इसके दाम 3047 रुपये तक पहुंच गए. इनके अलावा, टाटा ग्रुप की कंपनी वोल्टास के अलावा KSoves और Kirlpnu के दाम में भी गिरावट देखने को मिली.

बता दें कि इस साल के बजट से कई तरह की उम्मीदें लगाई गई हैं. आम आदमी को उम्मीद है कि उसे टैक्स में राहत मिलेगी. वहीं, कारोबारियों को भी ऐसी ही उम्मीदें हैं. साथ ही, कुछ ऐसे सेक्टर हैं जिनको सरकार की योजनाओं और नीतियों का इंतजार है. ऐसे में अगर मार्केट से अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं तो शेयर बाजार का रुख भी उसी के हिसाब से बदल सकता है.