Indian Railways Rules: त्योहारों का मौसम आते ही रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगती है. दिवाली हो या छठ, नौकरी और पढ़ाई के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहने वाले लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए घर लौटते हैं. इस दौरान उनके बैग में कपड़े, मिठाइयां और पूजा का सामान होता है. कुछ लोग दिवाली मनाने के लिए पटाखे भी साथ ले जाने की योजना बनाते हैं. लेकिन सफर शुरू करने से पहले यह जानना जरूरी है कि ट्रेन में पटाखे ले जाने की अनुमति नहीं है.
भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, यात्री अपने साथ ट्रेन में पटाखे, बम या किसी भी तरह के विस्फोटक पदार्थ नहीं ले जा सकते. इन चीजों में बारूद और ज्वलनशील सामग्री मौजूद होती है, जिससे आग लगने या धमाका होने का खतरा बना रहता है. ट्रेन में एक साथ सैकड़ों लोग सफर करते हैं. ऐसे में किसी एक डिब्बे में आग लगने की स्थिति में कई यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है. इसी वजह से रेलवे ने इन्हें प्रतिबंधित सामान की श्रेणी में रखा है.
रेलवे के नियमों को तोड़ना केवल सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही नहीं, बल्कि कानूनी अपराध भी है. रेलवे एक्ट 1989 की धारा 164 के तहत खतरनाक सामान को गैरकानूनी तरीके से ट्रेन में ले जाने पर कार्रवाई का प्रावधान है. इस अपराध में दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन साल तक की जेल, एक हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं. इसके अलावा ऐसे सामान से रेलवे या किसी यात्री को नुकसान पहुंचता है, तो उसकी भरपाई की जिम्मेदारी भी संबंधित व्यक्ति पर आ सकती है.
रेलवे में सिर्फ पटाखे ही प्रतिबंधित नहीं हैं. पेट्रोल, मिट्टी का तेल, गैस सिलेंडर, एसिड और आग पकड़ने वाले दूसरे पदार्थ भी अपने साथ लेकर सफर नहीं किया जा सकता. इन चीजों से ट्रेन में आग लगने और यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित होने का खतरा रहता है. यहां तक कि ऐसे सामान को रेलवे में पार्सल या अन्य सामान के रूप में बुक कराने के लिए भी नियमों के तहत अनुमति जरूरी होती है. इसलिए किसी भी ज्वलनशील वस्तु को ट्रेन में ले जाने से पहले नियमों की जानकारी जरूर लें.
रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए स्टेशन और ट्रेनों में सतर्कता बरतता है. अगर किसी रेलवे कर्मचारी को किसी यात्री के बैग या पैकेट में संदिग्ध सामान होने का शक होता है, तो उसकी जांच की जा सकती है. इसलिए पटाखों को कपड़ों या दूसरे सामान के बीच छिपाकर ले जाने की कोशिश करना भी परेशानी खड़ी कर सकता है. त्योहार के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण सुरक्षा नियमों का पालन करना और भी जरूरी हो जाता है.
अगर आप दिवाली या छठ पर ट्रेन से अपने घर जाने वाले हैं, तो पैकिंग करते समय पटाखों और ज्वलनशील चीजों को बैग में बिल्कुल न रखें. इससे न केवल आप कानूनी कार्रवाई से बचेंगे, बल्कि दूसरे यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी. अगर सफर के दौरान किसी यात्री के पास संदिग्ध विस्फोटक या ज्वलनशील सामान दिखाई देता है, तो इसकी जानकारी रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर दे सकते हैं. त्योहार की खुशियां अपनों के साथ मनाएं, लेकिन सुरक्षा नियमों की अनदेखी बिल्कुल न करें.