Diwali 2026: दिवाली का त्योहार आते ही घरों में सजावट की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. कोई बालकनी में रंगीन झालर लगाता है तो कोई मुख्य दरवाजे और छत को रोशनी से सजाता है. LED लाइटों की चमक से पूरा घर जगमगा उठता है. लेकिन त्योहार के बीच बिजली चली जाए तो सजावट की सारी रोशनी अचानक बंद हो जाती है. ऐसे में कई लोग इनवर्टर से झालर चलाने के बारे में सोचते हैं.
हां, घर में लगे इनवर्टर से दिवाली की LED झालर और दूसरी छोटी सजावटी लाइटें चलाई जा सकती हैं. इनवर्टर बिजली जाने पर बैटरी में जमा ऊर्जा की मदद से उपकरणों को चलाता है. ऐसे में कम बिजली खपत करने वाली LED सीरियल लाइट और स्ट्रिप लाइट भी इसके जरिए जलाई जा सकती हैं. हालांकि, एक साथ कितनी लाइटें चलेंगी, यह इनवर्टर की क्षमता पर निर्भर करेगा.
दिवाली की सजावट के लिए LED झालर बेहतर विकल्प हो सकती हैं, क्योंकि इनकी बिजली खपत आमतौर पर कम होती है. छोटी सीरियल लाइट, LED स्ट्रिप और कम वॉट वाले सजावटी बल्ब इनवर्टर पर चलाए जा सकते हैं. इसके उलट पुराने ज्यादा बिजली खपत करने वाले बल्ब और हैलोजन लाइट इनवर्टर पर अधिक दबाव डाल सकते हैं. इसलिए लाइट खरीदते समय उसकी वॉट क्षमता जरूर देखें.
इनवर्टर पर पड़ने वाला लोड लाइटों की संख्या और उनकी बिजली खपत से तय होता है. उदाहरण के लिए, अगर 10 LED झालर में से हर एक 5 वॉट की है, तो कुल खपत 50 वॉट होगी. वहीं, 20 झालर में प्रत्येक 10 वॉट की होने पर कुल लोड 200 वॉट तक पहुंच जाएगा.
इसमें पहले से चल रहे पंखे, टीवी और दूसरे उपकरणों की खपत भी जोड़नी होगी. तभी पता चलेगा कि इनवर्टर कुल कितना लोड उठा रहा है.
इनवर्टर से जितनी ज्यादा बिजली खर्च होगी, उसकी बैटरी उतनी ही तेजी से डिस्चार्ज होगी. अगर आप केवल कुछ LED झालर जलाते हैं तो बैटरी अपेक्षाकृत लंबे समय तक चल सकती है. लेकिन सजावटी लाइटों के साथ पंखे, टीवी और अन्य उपकरण भी चालू हैं तो बैकअप कम हो जाएगा. इसलिए बिजली जाने पर गैरजरूरी उपकरण बंद रखना बेहतर है.
घरेलू इनवर्टर अलग-अलग क्षमता के होते हैं. किसी की रेटिंग 600 VA होती है तो किसी की 900 VA या उससे अधिक. इसलिए लाइटें लगाने से पहले इनवर्टर की आउटपुट रेटिंग और बैटरी की क्षमता जांच लें. साथ ही LED लाइट के साथ मिलने वाले पावर एडॉप्टर या कंट्रोलर की अनुकूलता भी देखना जरूरी है.
सजावट के दौरान अच्छी गुणवत्ता वाली LED झालर इस्तेमाल करें. इनवर्टर की निर्धारित क्षमता से ज्यादा लोड न डालें और कटे हुए तार या ढीले प्लग से बचें. इनवर्टर को सूखी और हवादार जगह पर रखें. जरूरत नहीं होने पर सजावटी लाइटें बंद कर दें. अलग-अलग झालरों के लिए अलग स्विच रखने से भी बिजली की खपत को नियंत्रित करना आसान हो सकता है.