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लोन, ट्रेनिंग और आत्मनिर्भरता का रास्ता, महिलाएं खुद बन रही हैं अपना बॉस; 3 सरकारी योजनाओं के बारे में जानें

सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए तीन प्रमुख योजनाएं चला रही है - पीएम मुद्रा योजना, पीएमईजीपी और लखपति दीदी योजना.

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Edited By: Reepu Kumari
लोन, ट्रेनिंग और आत्मनिर्भरता का रास्ता, महिलाएं खुद बन रही हैं अपना बॉस; 3 सरकारी योजनाओं के बारे में जानें
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: आज का भारत महिलाओं की प्रगति से रंगता है. घर से निकलकर व्यवसाय की दुनिया में कदम रख रही महिलाएं न सिर्फ परिवार का सहारा बन रही हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था को नई दिशा भी दे रही हैं. केंद्र सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें आसान लोन, सब्सिडी और बिजनेस ट्रेनिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं. ये स्कीम्स छोटे-छोटे सपनों को हकीकत में बदल रही हैं.

आज हम तीन ऐसी ही प्रभावी योजनाओं के बारे में बात करेंगे, जो महिलाओं को उद्यमिता की राह दिखा रही हैं और उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता का मजबूत आधार दे रही हैं

पीएम मुद्रा योजना: छोटे व्यवसाय की शुरुआत आसान

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना महिलाओं के लिए सबसे लोकप्रिय स्कीम्स में से एक है. यह गैर-कॉर्पोरेट छोटे उद्यमों को 10 लाख रुपये तक का लोन बिना गारंटी के उपलब्ध कराती है. योजना को चार श्रेणियों में बांटा गया है - शिशु (50 हजार तक), किशोर (5 लाख तक) और तरुण (10 लाख तक). महिलाओं को इस योजना के तहत विशेष प्राथमिकता मिलती है, क्योंकि कुल लाभार्थियों में से ज्यादातर महिलाएं ही हैं. ब्याज दर बैंक के अनुसार अलग-अलग होती है, लेकिन आसान प्रक्रिया से महिलाएं जल्दी अपना बिजनेस शुरू कर पाती हैं. आवेदन www.mudra.org.in पर ऑनलाइन किया जा सकता है. यह योजना महिलाओं को घरेलू उद्योग या छोटी दुकान चलाने में मदद करती है.

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम: सब्सिडी के साथ नया उद्यम

पीएमईजीपी योजना नए छोटे उद्यम शुरू करने वालों के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी देती है. ग्रामीण इलाकों में 25-35% और शहरी में 15-25% तक सब्सिडी मिलती है. महिलाओं सहित विशेष श्रेणी के लाभार्थियों को ज्यादा सब्सिडी का फायदा होता है. विनिर्माण क्षेत्र में 50 लाख और सेवा क्षेत्र में 20 लाख तक की परियोजना मान्य है. 18 साल से ऊपर कोई भी व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह या सहकारी समिति आवेदन कर सकती है. KVIC इस योजना को लागू करता है और आवेदन ई-पोर्टल पर ऑनलाइन होता है. यह स्कीम ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने में सक्षम बनाती है.

लखपति दीदी योजना: ग्रामीण महिलाओं की कमाई का लक्ष्य 1 लाख

लखपति दीदी योजना ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सालाना कम से कम 1 लाख रुपये की स्थायी आय दिलाने का लक्ष्य रखती है. इसमें कौशल प्रशिक्षण, सूक्ष्म उद्यम सहायता और 5 लाख तक का लोन-ब्याज छूट जैसी सुविधाएं हैं. कृषि, हस्तशिल्प, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में ट्रेनिंग दी जाती है. हाल ही में बजट में इस योजना को और मजबूत किया गया है, जिसमें SHE-Marts जैसे नए कदम शामिल हैं. SHG सदस्य होना जरूरी है. यह योजना महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें उद्यमी बनाने में अहम भूमिका निभा रही है.

अप्लाई कैसे करें और फायदा उठाएं

इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पहले पात्रता जांचें. मुद्रा के लिए बैंक या वेबसाइट पर जाएं, पीएमईजीपी के लिए KVIC पोर्टल और लखपति दीदी के लिए स्थानीय SHG से जुड़ें. दस्तावेज जैसे आधार, बैंक खाता और बिजनेस प्लान तैयार रखें. सरकारी पोर्टल्स पर ऑनलाइन फॉर्म भरें और जरूरत पड़ने पर स्थानीय बैंक या अधिकारी से मदद लें. ये योजनाएं महिलाओं को आर्थिक आजादी का मजबूत सहारा दे रही हैं.