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India Daily

सरकार की इस स्कीम से बदल सकती है किसानों की किस्मत! जानिए MIDH योजना में क्या-क्या मिलती हैं सुविधाएं

केंद्र सरकार की मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) योजना के जरिए किसानों को बागवानी को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक और तकनीकी सहायता दी जा रही है.

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Edited By: Reepu Kumari
सरकार की इस स्कीम से बदल सकती है किसानों की किस्मत! जानिए MIDH योजना में क्या-क्या मिलती हैं सुविधाएं
Courtesy: ChatGpt

नई दिल्ली: देश में बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) योजना चला रही है. इस योजना के तहत किसानों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आधुनिक खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है. इसका उद्देश्य पारंपरिक खेती के साथ व्यावसायिक बागवानी को भी नई दिशा देना है. सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती अपनाने से कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल किया जा सकता है.

इसी सोच के साथ MIDH योजना के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से जोड़ा जा रहा है. इसके जरिए बागवानी क्षेत्र में उत्पादन क्षमता बढ़ाने, खेती को अधिक लाभकारी बनाने और किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से परिचित कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.

61 प्रशिक्षण केंद्रों से मिल रही आधुनिक खेती की जानकारी

योजना के तहत देशभर में 61 प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं. इन केंद्रों पर किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों, उन्नत पौध सामग्री और बेहतर उत्पादन के तरीकों की जानकारी दी जाती है. साथ ही उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वे सीखी गई तकनीकों को अपनी खेती में आसानी से लागू कर सकें.

अंतरराष्ट्रीय सहयोग से तैयार किए गए प्रशिक्षण केंद्र

इन प्रशिक्षण केंद्रों का विकास भारत-इजरायल और भारत-नीदरलैंड सहयोग के साथ विभिन्न शोध संस्थानों की मदद से किया गया है. यहां किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीक, सब्जियों की उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक खेती से जुड़ी जानकारी दी जाती है. इससे किसानों को नई तकनीकों को अपनाने में आसानी मिल रही है.

कई संस्थाओं के जरिए किसानों को मिल रहा सहयोग

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, MIDH योजना के तहत राज्य बागवानी मिशन, तकनीकी सहायता समूह (TSG), सटीक कृषि विकास केंद्र (PFDC), उत्कृष्टता केंद्र (CoE), आईसीएआर संस्थान, राज्य कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को सहयोग प्रदान कर रहे हैं. इन संस्थानों के माध्यम से आधुनिक खेती की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जा रही है.

आधुनिक ढांचों के लिए भी मिलती है वित्तीय सहायता

योजना के तहत संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए पॉलीहाउस, शेड नेट हाउस, प्लास्टिक टनल और अन्य आधुनिक कृषि ढांचों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है. इन सुविधाओं के उपयोग से सीमित क्षेत्र में भी बेहतर गुणवत्ता और अधिक उत्पादन प्राप्त करने में किसानों को मदद मिलती है.

संसद में सरकार ने गिनाए योजना के फायदे

संसद के मानसून सत्र में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने MIDH योजना की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती अपनाने, उत्पादन बढ़ाने और बागवानी को लाभकारी कृषि व्यवसाय के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.