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खाना, नाश्ता, होटल में रहना... फ्लाइट कैंसिल होने पर मिलती है ये सुविधा, जाने कब होता है पूरा पैसा रिफंड

Flight Passenger Rights: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यात्री हवाई अड्डों और उड़ानों में हो रही असुविधाओं की शिकायतें साझा कर रहे हैं. अगर आपकी फ्लाइट भी रद्द हुई या देरी से चल रही है, तो परेशान न हों. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों के तहत यात्रियों को कई अधिकार मिलते हैं.

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Edited By: Babli Rautela
खाना, नाश्ता, होटल में रहना... फ्लाइट कैंसिल होने पर मिलती है ये सुविधा, जाने कब होता है पूरा पैसा रिफंड
Courtesy: Social Media

Flight Passenger Rights: पिछले कुछ दिनों में भारत में कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं या देर से चलीं. सोशल मीडिया पर यात्री हवाई अड्डों और उड़ानों में हो रही असुविधाओं की शिकायतें साझा कर रहे हैं. अगर आपकी फ्लाइट भी रद्द हुई या देरी से चल रही है, तो परेशान न हों. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों के तहत यात्रियों को कई अधिकार मिलते हैं. अगर आपने चेक-इन कर लिया है और फ्लाइट में 2-4 घंटे की देरी होती है, तो एयरलाइन को आपको मुफ्त खाना और रिफ्रेशमेंट देना होगा. अगर देरी 6 घंटे से ज्यादा है, खासकर रात 8 बजे से सुबह 3 बजे के बीच, या 24 घंटे से अधिक हो, तो एयरलाइन को मुफ्त होटल ठहरने की व्यवस्था करनी होगी. 

घरेलू उड़ानों में 6 घंटे से ज्यादा देरी होने पर एयरलाइन को 24 घंटे पहले सूचित करना होगा, वैकल्पिक फ्लाइट देनी होगी या पूरा रिफंड करना होगा. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में एयरलाइन के मूल देश के नियम लागू हो सकते हैं.

फ्लाइट रद्द होने पर क्या हक?

अगर आपकी फ्लाइट रद्द हो जाती है, तो आपको वैकल्पिक उड़ान या टिकट का पूरा रिफंड मिलेगा. अगर रद्दीकरण की सूचना एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद दी जाती है, तो उड़ान की अवधि के आधार पर मुआवजा भी मिल सकता है. DGCA के अनुसार, 1 घंटे से कम की उड़ान के लिए अधिकतम 5,000 रुपये, 1-2 घंटे की उड़ान के लिए 7,500 रुपये और 2 घंटे से ज्यादा की उड़ान के लिए 10,000 रुपये तक मुआवजा मिल सकता है. अगर रद्दीकरण की सूचना दो हफ्ते पहले दी गई, तो वैकल्पिक फ्लाइट या रिफंड अनिवार्य है. अगर सूचना 24 घंटे से कम समय में दी गई, तो रिफ्रेशमेंट, रिफंड और मुआवजा तीनों मिल सकते हैं.

कब नहीं मिलेगा मुआवजा?

अगर फ्लाइट की देरी या रद्दीकरण एयरलाइन के कंट्रोल से बाहर की वजहों जैसे मौसम खराब होना, युद्ध, प्राकृतिक आपदा या DGCA की सख्त जांच के कारण हुआ, तो इसे 'असाधारण परिस्थिति' माना जाता है. ऐसी स्थिति में मुआवजा नहीं मिलता, लेकिन एयरलाइन को खाना, ठहरने की व्यवस्था और वैकल्पिक फ्लाइट की सुविधा देनी होगी.

शिकायत दर्ज करने के लिए बोर्डिंग पास, चेक-इन का समय और देरी/रद्दीकरण की सूचना जैसे दस्तावेज तैयार रखें. सबसे पहले एयरलाइन के हेल्पडेस्क या कस्टमर केयर से संपर्क करें. एयरलाइन को शिकायत अधिकारी का नाम और मुआवजा प्रक्रिया की जानकारी देना अनिवार्य है. अगर समाधान न मिले, तो AirSewa पोर्टल www.airsewa.com या ऐप पर शिकायत दर्ज करें. इसके अलावा, DGCA की वेबसाइट या उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत की जा सकती है. एयरलाइन की वेबसाइट से 'डिसरप्शन स्टेटमेंट' डाउनलोड करें, जो बीमा क्लेम के लिए उपयोगी हो सकता है.