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India Daily

CWG 2026: किसान की बेटी साक्षी चौधरी ने रचा इतिहास, Commonwealth games में भारत को दिलाया बॉक्सिंग का तीसरा गोल्ड

Glasgow Commonwealth games 2026 में भारतीय बॉक्सर साक्षी चौधरी ने महिलाओं के 51 किलाग्राम वर्ग में इंग्लैंड की रुबी को 5-0 से हराकर गोल्ड जीता.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
CWG 2026: किसान की बेटी साक्षी चौधरी ने रचा इतिहास, Commonwealth games में भारत को दिलाया बॉक्सिंग का तीसरा गोल्ड
Courtesy: X

भारत की युवा मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने Commonwealth games 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इंग्लैंड की रुबी को एकतरफा मुकाबले में हराकर उन्होंने भारत को बॉक्सिंग में तीसरा गोल्ड दिलाया और देश का नाम रोशन किया.

फाइनल में साक्षी का दमदार प्रदर्शन

ग्लासगो में खेले गए महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में साक्षी चौधरी ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी. उन्होंने इंग्लैंड की रुबी को किसी भी राउंड में वापसी का मौका नहीं दिया. पांचों जजों ने भारतीय खिलाड़ी के पक्ष में फैसला सुनाया और साक्षी ने 5-0 से मुकाबला जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ भारत को बॉक्सिंग में तीसरा गोल्ड मिला. बॉक्सिंग में अब तक भारत के खाते में तीन गोल्ड और एक सिल्वर मेडल आ चुके हैं. वहीं, कुल पदकों की संख्या बढ़कर 31 हो गई, जिसमें 9 गोल्ड शामिल हैं.

भिवानी से शुरू हुआ गोल्ड तक का सफर

हरियाणा के भिवानी की रहने वाली साक्षी चौधरी का सफर संघर्ष और मेहनत से भरा रहा है. उनके पिता किसान हैं, जबकि मां गृहिणी हैं. बचपन में उनका स्वभाव काफी तेज था और वह अक्सर झगड़ पड़ती थीं. परिवार ने उनकी इसी ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए साल 2012 में उन्हें बॉक्सिंग से जोड़ दिया. बीजिंग ओलंपिक 2008 में विजेंदर सिंह की ऐतिहासिक जीत से प्रेरित होकर साक्षी ने उसी कोच जगदीश सिंह से प्रशिक्षण लिया, जिन्होंने विजेंदर को भी तैयार किया था. लगातार मेहनत ने उन्हें देश की सबसे मजबूत महिला मुक्केबाजों में शामिल कर दिया.

विश्व चैंपियन से कॉमनवेल्थ गोल्ड तक का सफर

साक्षी चौधरी पहले भी कई बड़े मंचों पर भारत का नाम रोशन कर चुकी हैं. साल 2015 में उन्होंने एआईबीए जूनियर महिला विश्व चैंपियनशिप में अमेरिका की यारिसेल रामिरेज को हराकर विश्व खिताब जीता था. इसके बाद वह दो बार यूथ वर्ल्ड चैंपियन भी बनीं. पिछले साल अस्ताना में हुए वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में 54 किलोग्राम वर्ग का गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने अपनी ताकत साबित की. कॉमनवेल्थ गेम्स की टीम में जगह बनाने के लिए उन्होंने कई बड़ी भारतीय मुक्केबाजों को हराया था.