Diwali Shopping Tips: दिवाली का त्योहार आते ही घरों में तैयारियां शुरू हो जाती हैं. कहीं मेहमानों के स्वागत की तैयारी होती है, तो कहीं मिठाइयां और पकवान बनाने के लिए सामान जुटाया जाता है. इस दौरान ड्राई फ्रूट्स से लेकर रोजमर्रा के राशन तक की खरीदारी बढ़ जाती है. बाजार और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म भी ग्राहकों को लुभाने के लिए तरह-तरह के ऑफर पेश करते हैं. ऐसे में सही समय पर खरीदारी करना जेब के लिए फायदेमंद हो सकता है.
बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट और पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स खरीदने के लिए दिवाली से दो से तीन हफ्ते पहले का समय बेहतर हो सकता है. त्योहार नजदीक आने पर इनकी मांग बढ़ जाती है. ऐसे में पसंदीदा ब्रांड और पैकिंग मिलना मुश्किल हो सकता है. पहले खरीदारी करने से अलग-अलग दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कीमतों की तुलना करने का भी समय मिल जाता है.
दिवाली पर ड्राई फ्रूट्स के आकर्षक गिफ्ट पैक खूब बिकते हैं. इनकी पैकिंग देखने में शानदार होती है, लेकिन जरूरी नहीं कि ये सबसे सस्ते भी हों. खरीदते समय पैक का कुल वजन, गुणवत्ता और एक्सपायरी जरूर जांचें. प्रति 100 ग्राम कीमत की तुलना करने से पता चल सकता है कि कौन-सा पैक वास्तव में किफायती है. पहले से खरीदने पर सीलबंद पैक चुनें और उन्हें ठंडी व सूखी जगह पर रखें.
आटा, चावल, दाल, तेल, चीनी और मसालों जैसे लंबे समय तक इस्तेमाल होने वाले सामान की खरीदारी दिवाली से दो से चार हफ्ते पहले की जा सकती है. इसके लिए पहले घर की जरूरतों की सूची तैयार करें. इसके बाद ऑनलाइन सेल, सुपरमार्केट और आसपास की किराना दुकानों के दामों की तुलना करें. कई बार स्थानीय दुकानदार थोक खरीदारी पर बेहतर कीमत या अतिरिक्त सामान दे सकते हैं.
हर सामान को हफ्तों पहले खरीदकर रखने की जरूरत नहीं है. दूध, ब्रेड, ताजे मसाले, मिठाई और जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थ त्योहार के करीब ही खरीदना बेहतर है. वहीं आटा, दाल और तेल का अतिरिक्त स्टॉक तभी करें, जब घर में रखने की पर्याप्त जगह हो और उनकी एक्सपायरी लंबी हो. जरूरत से ज्यादा सामान खरीदने पर वह खराब हो सकता है और बचत का फायदा खत्म हो जाएगा.
खरीदारी पर निकलने से पहले कुल बजट तय करें और जरूरत के हिसाब से सामान की सूची बनाएं. एक के साथ एक मुफ्त जैसे ऑफर में पैक का वजन और वास्तविक जरूरत जरूर देखें. क्रेडिट कार्ड और कूपन का इस्तेमाल भी सोच-समझकर करें. इनका फायदा तभी है, जब भुगतान समय पर किया जा सके. आखिरी समय की जल्दबाजी से बचकर अलग-अलग चरणों में खरीदारी करने से दिवाली की तैयारियां आसान रहेंगी और जेब पर भी ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा.