Rule Changes From November 1: अक्टूबर का महीना खत्म होने के साथ ही नवंबर की शुरुआत कई नए नियमों के साथ होने जा रही है. हर महीने की पहली तारीख की तरह इस बार भी कुछ बदलाव सीधे आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर सकते हैं. घर में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले एलपीजी सिलेंडर से लेकर सड़क पर सफर और मोबाइल पर आने वाली कॉल तक, कई व्यवस्थाओं में बदलाव होने वाला है. इसलिए इन नियमों को समझना आपके लिए जरूरी है.
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं. ऐसे में 1 नवंबर को भी 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल और 14 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के नए रेट जारी हो सकते हैं. पिछले महीने कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 62.50 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि घरेलू सिलेंडर की कीमत में बदलाव नहीं किया गया था. इस बार लोगों की नजर नए रेट पर रहेगी. विमान ईंधन यानी एटीएफ की कीमतों में भी संशोधन संभव है.
हाईवे पर सफर करने वाले कुछ वाहन मालिकों के लिए नया टोल पास लागू होने जा रहा है. इसके तहत टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निजी वाहन मालिक 1500 रुपये का सालाना पास ले सकेंगे. इससे उन्हें टोल भुगतान में राहत मिल सकती है. इसके अलावा दिल्ली में दूसरे राज्यों में पंजीकृत पुराने नॉन-BS6 वाहनों की एंट्री पर रोक लगाने का नियम भी लागू होगा. मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए कनेक्टिंग लिंक पर मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी.
शराब खरीदने वालों के लिए तमिलनाडु में भुगतान से जुड़ा नियम बदलने वाला है. राज्य विपणन निगम यानी TASMAC ने फैसला किया है कि एक हजार रुपये से अधिक कीमत वाली शराब की बोतल खरीदने पर डिजिटल पेमेंट करना अनिवार्य होगा. इसका मतलब है कि महंगी शराब खरीदने के लिए ग्राहक नकद भुगतान नहीं कर सकेंगे. उन्हें डिजिटल माध्यम से ही पैसे चुकाने होंगे. यह बदलाव राज्य में शराब की खुदरा बिक्री के भुगतान के तरीके को प्रभावित करेगा.
जीएसटी से जुड़े नियमों में भी बदलाव की तैयारी है. इसका फायदा खासतौर पर छोटे कारोबारियों को मिल सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ मामलों में टैक्स रिफंड के लिए ऑटोमैटिक अप्रूवल की व्यवस्था की जाएगी, ताकि कारोबारियों को लंबे इंतजार और दस्तावेजी प्रक्रिया से राहत मिले. इसके अलावा पांच करोड़ रुपये से कम सालाना टर्नओवर वाले ऐसे कारोबारियों के लिए नई रिटर्न व्यवस्था लागू करने की तैयारी है, जो सीधे ग्राहकों को सामान या सेवाएं बेचते हैं.
मोबाइल यूजर्स के लिए भी एक अहम बदलाव होने जा रहा है. दूरसंचार विभाग के निर्देश के मुताबिक, 1 नवंबर से कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन यानी CNAP व्यवस्था लागू की जाएगी. इसके तहत फोन पर कॉल आने पर कॉल करने वाले का नाम दिखाने की सुविधा मिलेगी. अभी कई लोग अनजान नंबर की पहचान के लिए थर्ड पार्टी ऐप का सहारा लेते हैं. नई व्यवस्था से कॉल करने वाले की पहचान करना आसान हो सकता है. हालांकि, इसका वास्तविक अनुभव टेलीकॉम कंपनियों की ओर से लागू की जाने वाली व्यवस्था पर निर्भर करेगा.