PhonePe NPS Account: नौकरी करने वाले हों या खुद का काम चलाने वाले, रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा हर किसी के लिए जरूरी है. लेकिन कई लोग बड़ी रकम निवेश करने के कारण बचत शुरू नहीं कर पाते. ऐसे लोगों के लिए डिजिटल पेमेंट ऐप PhonePe ने नई सुविधा पेश की है. इसके जरिए पात्र ग्राहक अपने मोबाइल से नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का खाता खोल सकते हैं. इसकी शुरुआत 250 रुपये के योगदान से की जा सकती है. PhonePe ने 27 अक्टूबर 2026 को इस सुविधा की घोषणा की.
इस सुविधा का लाभ 18 से 85 वर्ष की आयु के पात्र व्यक्ति उठा सकते हैं. इसके लिए सक्रिय भारतीय बचत बैंक खाता होना चाहिए, जिसकी KYC प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो. मोबाइल नंबर भी बैंक में पंजीकृत होना जरूरी है. NRI, OCI कार्डधारक और नाबालिग इस सुविधा के तहत खाता नहीं खोल सकते. इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता की जांच कर लेना बेहतर होगा.
NPS खाता खोलने के लिए शुरुआती योगदान कम से कम 250 रुपये रखा गया है. इसके अलावा, खाता खोलने पर 100 रुपये का एकमुश्त शुल्क भी लागू है. आगे ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार कम से कम 10 रुपये का अतिरिक्त योगदान कर सकते हैं. इसमें नियमित अंतराल पर निवेश करना अनिवार्य नहीं बताया गया है. हालांकि, निवेश से पहले लागू शुल्क और अन्य शर्तों की पुष्टि जरूर करें.
नेशनल पेंशन सिस्टम लंबी अवधि में रिटायरमेंट के लिए फंड तैयार करने का एक माध्यम है. इसमें निवेश का रिटर्न चुने गए निवेश विकल्पों और बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है. इसलिए इसे निश्चित मुनाफे वाली योजना नहीं समझना चाहिए. खाता खोलते समय डिफॉल्ट निवेश विकल्प लागू हो सकता है. निवेश करने से पहले जोखिम, निकासी की शर्तों और पेंशन से जुड़े नियमों को समझना जरूरी है.
खाता खोलने की प्रक्रिया डिजिटल रखी गई है. इसके लिए सबसे पहले PhonePe ऐप में NPS खाता खोलने का विकल्प चुनना होगा. इसके बाद जन्मतिथि दर्ज करके जरूरी सहमति और घोषणाएं पूरी करनी होंगी. फिर उपलब्ध बैंक खातों में से एक खाता चुनकर बैंक से मिले OTP के जरिए सत्यापन करना होगा. इसके बाद कम से कम 250 रुपये का शुरुआती योगदान UPI से जमा करना होगा.
शुरुआती योगदान सफल होने पर ग्राहक को परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) जारी किया जाता है. यह NPS खाते की पहचान के लिए इस्तेमाल होता है. PhonePe की इस सुविधा से छोटी रकम के साथ रिटायरमेंट की तैयारी शुरू करना आसान हो सकता है. हालांकि, निवेश का फैसला अपनी आय, खर्च और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए.