Commercial vs Domestic LPG Cylinder: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव ने कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है. 1 अक्टूबर से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दाम बढ़ गए हैं. कई शहरों में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. इसका सीधा असर होटल, रेस्तरां, ढाबे और दूसरी व्यावसायिक रसोइयों की लागत पर पड़ सकता है, जहां बड़ी मात्रा में गैस की जरूरत होती है.
दूसरी ओर, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में फिलहाल बदलाव नहीं हुआ है. हालांकि, खबर में हाल की कीमत बढ़ोतरी का भी उल्लेख है, जिसमें घरेलू सिलेंडर पर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर पर 115 रुपये की बढ़ोतरी बताई गई है. ऐसे में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के बीच अंतर समझना जरूरी है, खासकर उन दुकानदारों और कारोबारियों के लिए जो गैस का नियमित इस्तेमाल करते हैं.
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर मुख्य रूप से होटल, रेस्तरां, ढाबों और बड़ी रसोइयों में इस्तेमाल किए जाते हैं. 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में 1 अक्टूबर से बढ़ोतरी हुई है. कारोबार में लगातार गैस की जरूरत होने के कारण कीमत बढ़ने पर भोजन तैयार करने की लागत भी प्रभावित हो सकती है.
14.2 किलोग्राम वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर सामान्य घरों में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसकी कीमत पर सरकार की नीतियों का भी असर पड़ सकता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी महंगी होने के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार कीमतों को स्थिर रखने का फैसला कर सकती है.
घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर का सबसे बड़ा अंतर उनके इस्तेमाल से जुड़ा है. घरेलू सिलेंडर घरों की जरूरत के लिए बनाए जाते हैं, जबकि कमर्शियल सिलेंडर बड़ी रसोई में लगातार इस्तेमाल को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं. कमर्शियल सिलेंडर में गैस का दबाव अधिक होता है और भारी उपयोग के लिए इसकी व्यवस्था की जाती है.
घरेलू सिलेंडर व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं. रेस्तरां या दुकान जैसी जगहों पर लगातार और भारी इस्तेमाल करने से जोखिम बढ़ सकता है. खबर में ऐसे इस्तेमाल से आग लगने या धमाके का खतरा बढ़ने की बात कही गई है. इसलिए व्यावसायिक काम के लिए घरेलू सिलेंडर के बजाय निर्धारित कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.
एलपीजी की कीमत तय करने में अंतरराष्ट्रीय बाजार की दरें और विदेशी मुद्रा विनिमय दर अहम भूमिका निभाती हैं. तेल कंपनियां आमतौर पर पिछले महीने के औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के आधार पर कीमतों में बदलाव करती हैं. हालांकि घरेलू एलपीजी की कीमत केवल बाजार पर निर्भर नहीं होती. सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमत को स्थिर रखने का फैसला भी कर सकती है.