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India Daily

किसान आंदोलन का एक पहलू ये भी: बस मिली न ट्रेन, परीक्षा के लिए बाप-बेटी ने ऐसे तय किया 270 KM का सफर

Farmers Protest: किसान आंदोलन की वजह से कई अनकहे नजारे देखने को मिल रहे हैं. साथ ही इसका खामियाजा भी कईयों को उठाना पड़ रहा है.

Suraj Tiwari
Edited By: Suraj Tiwari
किसान आंदोलन का एक पहलू ये भी: बस मिली न ट्रेन, परीक्षा के लिए बाप-बेटी ने ऐसे तय किया 270 KM का सफर

Farmers Protest: पंजाब से दिल्ली की ओर निकले किसानों के जत्थे ने जहां केंद्र सरकार को सचेत कर रखा है. वहीं इस दौरान आने जाने वाले लोगों को भी बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसी दौरान एक पिता और बेटी की कहानी निकल कर आई है. जिसको सुनने के बाद हर कोई का कलेजा पसीज जा रहा है.

पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पूरी तरह से सील 

वैसे तो आपने कोरोना काल के समय ऐसी बहुत सी कहानी सुनी होगी की अपने घर पहुंचने के लिए लोग हजारों किलोमीटर दूर बाइक, साइकिल और पैदल ही चल रहे थे. लेकिन वो दौर कई बार न चाहते हुए भी देखना पड़ जाता है. जैसे कि इस समय पंजाब से दिल्ली के लिए निकले किसान आंदोलन के दौरान देखने को मिल रहा है.

इसी आंदोलन को देखते हुए पंजाब-हरियाणा बॉर्डर शंभू बॉर्डर से लेकर हरियाणा-दिल्ली के गाजीपुर, सिंधु, टिहरी बॉर्डर पर बैरिकेटिंग लगा कर किसानों को रोकने की तैयारी की गई है. इसी वजह से कैब वाले दोगुना कियारा वसूल रहे हैं. इतना ही नहीं सवारी बढ़ने की वजह से फ्लाइट का किराया भी बढ़ गया है. इसी सबको देखते हुए एक पिता ने अपने बेटी की परीक्षा दिलाने के लिए बाइक से ही 270 किलोमीटर की यात्रा का प्लान बना लिया.

परीक्षा दिलाने के लिए पिता ने नापा रास्ता

चंढीगढ़ निवासी देशराज सिंह अपनी बेटी की परीक्षा दिलाने के लिए दिल्ली तक बाइक से इसी खातिर आए क्योंकि कैब वालों ने जहां उनसे लगने वाले किराए का कई गूना ज्यादा 7500 रुपये चार्ज कर रहे हैं. कैब वालों का कहना है कि वो आने जाने दोनों तरफ का लेंगे.