Online Fraud: दुनिया में तेजी के साथ टेक्नोलॉजी का विकास हो रहा है. विकसित होती इस टेक्नोलॉजी ने जितना आम जनमानस के काम को सरल बना रही है उतने ही इसके नकारात्मक प्रभाव भी देखा जा रहा है. डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते चलने के साथ ऑनलाइन फ्रॉड का चलन भी बढ़ा है. आए दिन किसी न किसी के साथ ऑनलाइन स्कैम होता रहता है. खबर आती है कि किसी के बैंक से लाखों रुपए उड़ा दिए गए, किसी के बैंक से इतने रुपए उड़ा दिया. अगर आपके साथ यूपीआई या बैंक फ्रॉड होता है तो उसके बाद क्या कदम उठाएं, आज हम आपको इस लेख में उसी की कहानी बताएंगे.
यूपीआई यानी Unified Payments Interface का तेजी के साथ बढ़ते चलन के साथ फ्रॉड के मामलों में भी तेजी आई है. आजकल हर कोई गूगल पे, फोन पे, पेटीएम जैसे यूपीआई बेस्ड ऐप्स की मदद से पेमेंट करते हैं. आइए जानते हैं कि अगर आपके साथ यूपीआई फ्रॉड हो जाए. पैसे कट जाए तो क्या करें?
सर्विस प्रोवाइडर को सूचित करें
अगर आपके साथ यूपीआई फ्रॉड हुआ है तो RBI कहता है कि सबसे पहले आप सर्विस प्रोवाइडर को फ्रॉड की जानकारी दें. सर्विस प्रोवाइडर मतलब जिस यूपीआई बेस्ड ऐप (जैसे - गूगल पे, फोन पे, पेटीएम जैसे) से आप पेमेंट कर रहे हैं. शिकायत दर्ज करते हुए उनसे रिफंड वापस करने का आग्रह करें.
अगर सर्विस प्रोवाइडर आपकी शिकायत पर कोई कदम नहीं उठा रहा है तो आप NPCI (National Payments Corporation of India) के पोर्टल पर जाकर अपने फ्रॉड की कंप्लेंट दर्ज करें. इसके साथ-साथ आपका जिस बैंक में अकाउंट है, वहां भी अपनी शिकायत दर्ज कराएं.
बैंकिंग फ्रॉड से तात्पर्य है कि साइबर अपराधी आपकी गुप्त सूचना चुराकर या फिर वो आपका मोबाइल या फिर लैपटॉप हैक करके इंटरनेट बैंकिंग के जरिए आपका अकाउंट खाली कर देते हैं.
अगर आपके साथ इस तरह का कुछ फ्रॉड होता है तो सबसे पहले आप अपने बैंक को सूचित करें.
ऑनलाइन स्कैम से बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका यही है कि आप ऑनलाइन फ्रॉड के तरीकों से अनजान न रहें. कई बार ऐसा होता है कि आपको जानकारी नहीं होती की आपके साथ स्कैम हो रहा है और स्कैमर्स आपका बैंक खाली कर देते हैं.
अपनी बैंकिंग सूचना किसी के साथ भी न साझा करें.
मैसेज या ईमेल के जरिए आइए किसी भी प्रकार की अननोन लिंक पर क्लिक न करें.
अपनी ऑनलाइन अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए स्ट्रांग पासवर्ड लगाएं.
टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूर लगाएं. ये आपके ऑनलाइन बैंकिंग को और सुरक्षित करेगा.