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Samsung बनाम स्मार्टफोन इंडस्ट्री! यूनिवर्सल चार्जिंग पर नहीं बन पा रही सहमति

Universal charging: अगर आप वन नेशन वन चार्जर स्कीम का इंतजार कर रहे हैं तो आपको कुछ समय और इंतजार करना होगा. जानें क्यों

Shilpa Srivastava
Samsung बनाम स्मार्टफोन इंडस्ट्री! यूनिवर्सल चार्जिंग पर नहीं बन पा रही सहमति

हाइलाइट्स

  • वन नेशन वन चार्जर स्कीम
  • भारत को करना पड़ेगा और इंतजार

One Nation One Charger: केंद्र सरकार पिछले कुछ समय से वन नेशन वन चार्जर स्कीम पर काम कर रही है. यूजर्स भी इंतजार कर रहे हैं कि इन्हें कब लागू किया जाएगा. लेकिन इस स्कीम को लॉगू करने में अभी और समय लग सकता है. दरअसल, स्मार्टफोन और टैबलेट जैसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज में एक जैसे चार्जिंग पोर्ट देने की डेडलाइन का फैसला अभी तक नहीं लिया गया है. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मिनिस्टर राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि इस स्कीम को लेकर अभी कुछ समय लग सकता है. 

वन नेशन वन चार्जर स्कीम लागू करने में देरी क्यों:
इसका एक बड़ा कारण यह है कि स्मार्टफोन जगत की दो दिग्गज कंपनियों Apple और Samsung के बीच लड़ाई छिड़ गई हैं. ये दोनों ही वन नेशन वन चार्ज की अलग-अलग डेडलाइन चाहते हैं. ऐसे में सरकार की तरफ से इस मामले में फैसला लेने में देरी हो रही है. विश्लेषकों ने कहा है कि अगर सरकार कोई भी फैसला जल्दबाजी में लेती है तो भारत के स्मार्टफोन एक्सपोर्ट पर भी असर पड़ सकता है. इससे अर्थव्यवस्था बिगड़ सकती है. यही कारण है कि भारत सरकार एक समान चार्जिंग नियम को लागू करने के लिए ज्यादा दवाब नहीं डाल रही है. 

वन नेशन वन चार्जर के लिए नहीं बन पा रही सहमति:
दरअसल, Samsung का कहना है कि जब EU यानी यूरोपियन यूनियन में यह स्कीम लागू हो जाए उसी समय भारत में भी इस स्कीम को लागू कर देना चाहिए. जबकि Apple का कहना है कि यूरोपियन यूनियन में स्कीम लागू होने के बाद हमें 6 महीने का समय और मिलना चाहिए. Apple का समर्थन Vivo, Xiaomi, Lenovo और Realme जैसे दूसरे स्मार्टफोन निर्माताओं ने भी किया है. इसका कारण यह है कि जब यह स्कीम लागू की जाएगी तो मैन्यूफैक्चरर्स को अपनी मैन्यूफैक्चरिंग में भी बदलाव करने होंगे जिसके लिए कंपनियां समय चाहती हैं.