menu-icon
India Daily

क्या है ‘कोरियन लवर गेम’?ऑनलाइन गेम की लत जिंदगी कर देगी बर्बाद, बचने के लिए करें ये काम

आजकल ऑनलाइन गेमिंग को लेकर लोगों में कुछ ज्यादा ही पागलपन देखा जा रहा है. इस लत से बचना बेहद जरूरी है, जिसे लेकर हम आपको कुछ सेफ्टी टिप्स दे रहे हैं.

Shilpa Shrivastava
क्या है ‘कोरियन लवर गेम’?ऑनलाइन गेम की लत जिंदगी कर देगी बर्बाद, बचने के लिए करें ये काम
Courtesy: Grok AI

नई दिल्ली: गाजियाबाद में एक घटना हुई, जिसमें तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी. ये तीनों एक गेम खेलती थीं, जिसका नाम कोरियन लवर गेम था. यह एक टास्क बेस्ड गेम है, जिसमें लोगों को कई टास्क दिए जाते हैं और उन्हें समय पर पूरा करना होता है. इस गेम में लास्ट चैलेंज ही मुश्किल होता है. डिजिटल दुनिया कितनी ज्यादा खतरनाक हो सकती है, ये इसी से पता चलता है. 

ऑनलाइन गेमिंग के दौरान कुछ बातों का ख्याल रखना बेहद ही जरूरी होता है. इन सभी के बारे में हम आपको यहां बताएंगे, लेकिन उससे पहले ये बताएंगे कि आखिर ये गेम है क्या. चलिए जानते हैं 'कोरियन लवर' गेम के बारे में.

क्या है कोरियन लवर गेम?

यह एक ऑनलाइन चैट-बेस्ड गेम है. यह गेम ज्यादातर सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स जैसे व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम के जरिए फैलता है. इसमें कोई व्यक्ति प्लेयर से बात करना शुरू करता है. फिर उससे प्यार का दावा करता है. फिर हर दिन उस व्यक्ति को टास्क दिया जाता है, जिन्हें पूरा करके उसका सबूत भेजना होता है, जो फोटो, वीडियो आदि के फॉर्म में होता है. 

इस तरह के टास्क शुरुआती दौर में काफी सिंपल होते हैं, जिसमें सेल्फी भेजना या कुछ लिखना आदि होता है, लेकिन धीरे-धीरे ज्यादा पर्सनल, शर्मनाक, रिस्की या खतरनाक हो जाते हैं. पार्टिसिपेंट्स नकली प्यार, मिलने के वादे, सच्चे प्यार को साबित करने या अगर टास्क पूरे नहीं किए तो रिश्ता" खत्म करने की धमकियों से इमोशनली फंस जाते हैं. इसके बाद आखिरी टास्क खुद को मारने का होता है.

ऑनलाइन गेमिंग के खतरों से सुरक्षित रहने के टिप्स:

  • ऑनलाइन गेमिंग बच्चों के लिए मजेदार हो सकता है, लेकिन इसमें लत, बुलिंग, स्कैम, अजनबियों से मिलना और यहाँ तक कि स्वास्थ्य समस्याओं जैसे बड़े जोखिम भी शामिल हैं. 

  • समय सीमा तय करना बेहद जरूरी है. दिन में केवल एक या दो घंटे ही गेमिंग करें. रात 9 बजे के बाद या होमवर्क से पहले बच्चों को गेमिंग करने से मना करें. टाइमर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. 

  • पेरेंटल कंट्रोल बेहद जरूरी है. फोन, PC, या कंसोल पर बिल्ट-इन कंट्रोल ऑन करें. चैट ब्लॉक करें, खर्च सीमित करें और ऐप्स पर रोक लगाएं. बच्चों के डिवाइस पर क्रेडिट/डेबिट कार्ड का इस्तेमाल न करें.किसी भी गेम को खेलने से पहले एज रेटिंग लगा दें. 

  • बच्चों का गेम हिंसा वाला नहीं होना चाहिए. कई बार बच्चों के साथ गेम खेलना चाहिए, जिससे उनके चैट पर नजर रखी जा सके. गेम रिव्यू के लिए ऑनलाइन पेरेंट ग्रुप जॉइन करें.

  • ऑनलाइन किसी भी गेम में किसी के साथ अपना नाम, एड्रेस आदि शेयर न करें. चैट, वॉइस या वीडियो के जरिए अजनबियों से बात न करें.

  • अगर आपको ऑनलाइन कोई बुली कर रहा हो, तो उसकी रिपोर्ट करें. स्क्रीनशॉट लें, ब्लॉक/म्यूट करें और गेम एडमिन को रिपोर्ट करें. अगर कुछ गलत लगे तो खेलना बंद कर दें. 

  • पर्सनल लाइफ को इस तरह की आभासी दुनिया से अलग रखें. यह समझें कि वो एक ऑनलाइन दुनिया है उसमें दिए जा रहे टास्क आपके लिए हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं.