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5G Spectrum: यूजर्स को कैसे मिलती है फास्ट इंटरनेट, तेज कनेक्टिविटी? आसान भाषा में समझिए

5G Spectrum: सरकार 96,317.65 करोड़ रुपये की एयरवेब्स बेच रही है और टेलिकॉम कंपनियां रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन आइडिया इन्हें खरीदने के लिए तैयार हैं. इसके लिए बोली भी जारी है. इन सबसे अलग क्या आपने कभी ये सोचा है कि आखिर 5G Spectrum क्या होते हैं और इनसे यूजर्स को या फिर टेलिकॉम कंपनियों को क्या फायदा होता है? अगर नहीं जानते हैं तो यहां जानें इसके बारे में सबकुछ.

Shilpa Shrivastava
5G Spectrum: यूजर्स को कैसे मिलती है फास्ट इंटरनेट, तेज कनेक्टिविटी? आसान भाषा में समझिए
Courtesy: Canva

5G Spectrum: टेलिकम कंपनियों के लिए 5G स्पेक्ट्रम बेहद ही जरूरी होते हैं. ये डाटा कनेक्टिविटी, कॉलिंग और डाटा कनेक्टिविटी के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. बता दें कि भारत सरकार 96,317.65 करोड़ रुपये की एयरवेब्स बेच रही है और इसकी नीलामी का लेटेस्ट राउंट चल रहा है. इसमें तीन टेलिकॉम कंपनियों रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने हिस्सा लिया है. 

ये सब तो ठीक है लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि 5G स्पेक्ट्रम क्या होता है? जो कंपनियां इन्हें खरीदने में कामयाब हो जाती हैं उन्हें इसका क्या फायदा होता है और यूजर्स के लिए यह कैसे मददगार साबित होता है? अगर आप ये सब नहीं जानते हैं तो हम यहां आसान भाषा में आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं. 

क्या होता है स्पेक्ट्रम: 

फोन इस्तेमाल करने के लिए आपको कनेक्टिविटी की जरूरत होती है जो स्पेक्ट्रम से मिलती है. चाहें वॉयस कॉल करनी हो या फिर डाटा कनेक्टिविटी चाहिए हो, यह बेहद ही जरूरी होती है. बता दें कि स्पेक्ट्रम, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्रीक्वेंसी होती हैं. इनका इस्तेमाल कम्यूनिकेशन के लिए किया जाता है. अपने यूजर्स को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए टेलिकॉम कंपनियां इन स्पेक्ट्रम को खरीदती हैं जिससे यूजर एक्सपीरियंस दोगुना हो जाता है. बता दें कि स्पेक्ट्रम के हर बैंड का लेवल अलग-अलग होता है. 

जिस टेलिकॉम कंपनी को 5G स्पेक्ट्रम मिलता है उसे क्या फायदा होता है?

  • 5G स्पेक्ट्रम टेलिकॉम कंपनियों को फास्ट डाटा स्पीड और ज्यादा नेटवर्क एफिशियंसी देता है. इससे डाटा सर्विसेज की बढ़ती मांग को पूरा करने और यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने में मदद मिलती है. 

  • 5G की एडवांस कैपेबिलिटीज IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स), स्मार्ट सिटी आदि के लिए रेवन्यू के कई दरवाजे खोल देती हैं. 

  • जिन टेलिकॉम कंपनियों को 5G स्पेक्ट्रम मिलता है उन्हें दूसरी टेलिकॉम कंपनियों के साथ कॉम्पेटीशन करने में मदद मिलती है. यह बेहतर सर्विसेज देने के साथ-साथ यूजर्स को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए भी काम आती है. इससे टेलिकॉम कंपनी का मार्केट शेयर भी बढ़ता है.

  • 5G स्पेक्ट्रम में इन्वेस्ट करने से यह सुनिश्चित हो जाता है कि टेलिकॉम कंपनियां आने वाली टेक्नोलॉजी के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और यूजर की जरूरत को पूरा कर सकती हैं. 

  • सरकार कई तरह की डिजिटल पहल करती है जिसके लिए एडवांस टेलिकम्यूनिकेशन इंफ्रास्टक्चर चाहिए होता है. ऐसे में जब टेलिकॉम कंपनियों को 5G स्पेक्ट्रम मिलता है तो कंपनियां भी इन पहल के साथ जुड़ सकती हैं. 

यूजर्स को क्या होगा फायदा: 

जब टेलिकॉम कंपनी को 5G स्पेक्ट्रम मिल जाता है तो जितना फायदा टेलिकॉम कंपनी को होता है उतना ही यूजर्स को भी होता है. यूजर्स को इससे फास्ट कनेक्टिविटी मिलेगी. इसके साथ ही यूजर एक्सपीरियंस भी ज्यादा बढ़ जाएगा. कुल मिलाकर टेलिकॉम कंपनियां यूजर्स को बेहतर सर्विसेज देने के लिए ही इन स्पेक्ट्रम को खरीदती हैं.