नई दिल्ली: जब से भारत में 5G सर्विसेज शुरू हुई हैं, तब से रिलायंस जियो, एयरटेल समेत कई बड़ी टेलिकॉम कंपनियों ने अनलिमिटेड 5G डाटा प्लान्स उपलब्ध कराने शुरू कर दिए हैं. लोगों को ये प्लान काफी आकर्षक लग सकते हैं, खासतौर उन लोगों के लिए जो लगातार वीडियो स्ट्रीम करते हैं, ऑनलाइन गेम खेलते हैं या फिर बड़ी फाइलें डाउनलोड करते हैं.
हालांकि, इन सभी अनलिमिटेड बेनिफिट्स के साथ असलियत थोड़ी अलग है. यहां पर अनलिमिटेड का मतलब हमेशा पूरी तरह से असीमित नहीं होता. ऐसे में आपको रिचार्ज करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना होगा, जिससे कंपनियां आपको किसी भी तरह से गुमराह न कर पाए.
फेयर यूसेज पॉलिसी (FUP): हर कंपनी की एक फेयर यूसेज पॉलिसी होती है. इसका मतलब यह होता है कि भले ही आपके प्लान में अनलिमिटेड लिखा हो, लेकिन इसमें एक लिमिट होती है, जिसके बारे में कई बार यूजर्स को नहीं पता होता है. जब आप प्रतिदिन लिमिट का हाई-स्पीड डाटा इस्तेमाल कर लेते हैं, तो आपके इंटरनेट की स्पीड अपने आप कम हो जाती है. इंटरनेट का इस्तेमाल आप तब भी कर सकते हैं, लेकिन स्पीड कम हो जाती है. ऐसे में कंपनियां अनलिमिटेड के नाम पर लोगों को गुमराह करती हैं.
5G इस्तेमाल करने के लिए जरूरी बातें: अगर आप अनलिमिटेड 5G डाटा का मजा लेना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. आपके पास इसके लिए एक 5G कम्पैटिबल स्मार्टफोन, आपके इलाके में 5G नेटवर्क कवरेज, ऐसा प्लान जिसकी कीमत कम से कम 239 रुपये उससे ज्यादा हो. अगर इनमें से कोई एक चीज भी कम होती है तो आपको 4जी स्पीड मिलेगी, 5जी नहीं.
नेटवर्क कंजेशन: 5G होने के बाद भी कई बार ऐसा हो सकता है कि आपको हर समय पूरी स्पीड न मिले. इसका एक कारण नेटवर्क कंजेशन भी हो सकता है. वहीं, जहां पर 5जी टावर कम हैं, वहां पर स्पीड कम मिल सकती है.
4G पर रोजाना की सीमाएं अब भी लागू: बता दें कि ज्यादातर अनलिमिटेड 5G प्लान असल में 4G प्लान के ही विस्तार होते हैं. इनमें अक्सर रोजाना डाटा की लिमिटेशन्स होती हैं. जब आप 5G वाले इलाके में होते हैं, तो आपको अनलिमिटेड हाई-स्पीड डाटा मिलता है. लेकिन जैसे ही आप सिर्फ 4G वाले इलाके में जाते हैं, तो रोजाना की पुरानी सीमाएं फिर से लागू हो जाती हैं.