छत्तीसगढ़ सरकार ने इबोला संक्रमण की आशंका के चलते मॉनिटरिंग बढ़ाने का फैसला लिया है. एहतियात के तौर पर बाहर से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर ही जांच की जाएगी. रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर यात्रियों की मॉनिटरिंग के लिए स्वास्थ्य की टीम तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं. इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) के तहत स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से इस संबंध में जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि हवाई अड्डे पर मॉनिटरिंग के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए.
एयरपोर्ट पर तैनात नोडल अधिकारी यात्रियों की मॉनिटरिंग और आपातकालीन प्रतिक्रिया की व्यवस्था संभालेगा. सोमवार को जारी किए गए निर्देशों के मुताबिक नोडल अधिकारी हवाई अड्डे पर उतरने वाले यात्रियों के स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के साथ ही संभावित इबोला संक्रमित किसी भी यात्री की पहचान करने के लिए जिम्मेदार होगा.
इबोला के लक्षण भी काफी हद तक कोरोना से मिलते-जुलते हैं. इबोला संक्रमण होने पर मांसपेशियों में दर्द, बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, गले में खराश, त्वचा पर चकत्ते, पेट दर्द, उल्टी-दस्त और आंखें लाल हो सकती हैं. नोडल अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी यात्री में ये लक्षण पाए जाते हैं तो तत्काल स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना देनी होगी. जरूरत होने पर संदिग्ध यात्रियों के लिए आईसोलेशन और इमरजेंसी मैनेजमेंट की भी व्यवस्था करनी होगी.
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि एडवायजरी का पालन करना केवल एहतियाती उपाय है, संक्रमण की स्थिति डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें. बता दें के देश के कई राज्य और स्वास्थ्य एजेंसियों ने अंतर्राष्ट्रीय संक्रामक रोगों की निगरानी के लिए हवाई अड्डों पर जांच प्रोटोकॉल लागू किया गया है.