नई दिल्ली: भारत सरकार ने फिल्मों और शो की ऑनलाइन पायरेसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. बुधवार को लोकसभा को बताया गया कि 3100 से ज्यादा टेलीग्राम चैनल और लगभग 800 वेबसाइटें बंद कर दी हैं, जो पायरेटेड कंटंट शेयर कर रही थीं. यह जानकारी सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री, एल. मुरुगन ने संसद में एक सवाल के जवाब में दी.
यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि पायरेसी फिल्म इंडस्ट्री को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाती है. लोग फिल्म बनाने वालों, प्रोड्यूसरों या OTT प्लेटफॉर्म की इजाजत के बिना फिल्में अपलोड या शेयर करते हैं. इससे भारी नुकसान होता है, क्योंकि लोग टिकट या सब्सक्रिप्शन के लिए पैसे देने के बजाय फ्री में गैर-कानूनी वर्जन देख लेते हैं.
इससे निपटने के लिए, सरकार ने सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2023 के जरिए कानून को और मजबूत बनाया. इस नए कानून में तहत सख्त नियम बनाए गए हैं. एक्ट 6AA और 6AB साफ तौर पर किसी को भी थिएटर में चुपके से फिल्म रिकॉर्ड करने या बिना इजाजत उसे शेयर/ट्रांसमिट करने से रोकती हैं. अगर कोई इन नियमों को तोड़ता है (धारा 7(1A)), तो उसे सख्त सजा मिल सकती है- कम से कम 3 महीने की जेल और ₹3 लाख का जुर्माना. इसके अलावा ज्यादा गंभीर मामलों में, 3 साल तक की जेल और फिल्म की कुल ऑडिटेड प्रोडक्शन लागत का 5% तक जुर्माना देना होगा.
सख्त सजाओं के अलावा, सरकार ने मौजूदा इंटरनेट कानूनों का भी इस्तेमाल किया. 11 मार्च 2026 को, उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(b) के तहत टेलीग्राम को आधिकारिक तौर पर नोटिस दिया. इसके तहत टेलीग्राम को उन 3142 चैनलों को तुरंत हटाना और उन तक पहुंच को ब्लॉक करना जरूरी था, जो गैर-कानूनी तौर पर कॉपीराइट वाली फिल्में, वेब सीरीज और फिल्म बनाने वालों, प्रोड्यूसरों या OTT प्लेटफॉर्म के मालिकाना हक वाला दूसरा कंटेंट शेयर कर रहे थे. इन चैनलों ने कॉपीराइट अधिनियम, 1957 का उल्लंघन किया था.
वेबसाइटों के मामले में, सरकार ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर यानी इंटरनेट कनेक्शन देने वाली कंपनियों को लगभग 800 ऐसी साइटों तक एकिस्स ब्लॉक करने का आदेश दिया, जो पायरेटेड कंटेट से भरे हुए थे.