नई दिल्ली: अगर आपका बच्चा इंस्टाग्राम इस्तेमाल करता है और आप उसकी ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रखना चाहते हैं, तो मेटा के कुछ खास नियम हैं. कंपनी के मुताबिक, 18 साल से कम उम्र के टीन के इंस्टाग्राम अकाउंट को माता-पिता सीधे एक्सेस नहीं कर सकते. इंस्टाग्राम के अनुसार, प्राइवेसी कानूनों के कारण किसी ऐसे व्यक्ति को अकाउंट का अनधिकृत एक्सेस नहीं दिया जा सकता, जो उस अकाउंट का मालिक नहीं है.
इंस्टाग्राम पर 13 साल या उससे अधिक उम्र के यूजर्स को अपने अकाउंट का अधिकृत अकाउंट होल्डर माना जाता है. इसका मतलब है कि माता-पिता बच्चे के इंस्टाग्राम अकाउंट में सीधे लॉगिन करके उसकी पूरी जानकारी नहीं देख सकते.
इंस्टाग्राम पर माता-पिता और गार्जियन के लिए सुपरविजन फीचर उपलब्ध है. इसका उद्देश्य टीन्स को सोशल मीडिया का सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने में मदद करना है. इस फीचर के जरिए पेरेंट्स बच्चे के टीन अकाउंट से जुड़ी कुछ सेटिंग्स देख और मैनेज कर सकते हैं. अगर बच्चा किसी ऐसी सेटिंग को बदलना चाहता है, जिससे अकाउंट की सुरक्षा कम हो सकती है, तो कुछ मामलों में माता-पिता उस बदलाव को मंजूरी या अस्वीकार भी कर सकते हैं. यानी पेरेंट्स को बच्चे के पूरे अकाउंट में प्रवेश नहीं मिलता, लेकिन उन्हें सुरक्षा और सेटिंग्स से जुड़े कुछ नियंत्रण मिल सकते हैं.
मेटा के मुताबिक, कुछ खास देशों और क्षेत्रों में Extra सुपरविजन सुविधाएं भी उपलब्ध हैं. इनमें फ्लोरिडा, कनेक्टिकट, टेक्सास, प्यूर्टो रिको, इंडोनेशिया, यूरोपीय संघ, वियतनाम और ब्राजील शामिल हैं. अगर टीन इन क्षेत्रों में रहता है और वहां के कानून के तहत उम्र की शर्तों को पूरा करता है, तो माता-पिता अतिरिक्त सुपरविजन फीचर्स सेट कर सकते हैं. मेटा अलग-अलग सेवाओं के लिए भी सुपरविजन विकल्प देता है, जिनमें फेसबुक और मैसेंजर, इंस्टाग्राम और मेटा हॉरिजन शामिल हैं.
कुछ मामलों में मेटा माता-पिता से उनकी पहचान की पुष्टि करने के लिए कह सकता है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सुपरविजन फीचर सही माता-पिता या गार्जियन ही सेट कर रहा है. इसके लिए वैध सरकारी पहचान पत्र या दो गैर-सरकारी पहचान दस्तावेज मांगे जा सकते हैं. मेटा के अनुसार, पहचान की पुष्टि की प्रक्रिया पूरी होने में 48 घंटे तक लग सकते हैं.
कंपनी का कहना है कि पेरेंट की ID को सुरक्षित तरीके से रखा जाता है और पहचान की पुष्टि पूरी होने के 30 दिनों के भीतर उसे डिलीट कर दिया जाता है. इसका इस्तेमाल विज्ञापन दिखाने जैसे किसी दूसरे उद्देश्य के लिए नहीं किया जाता.
पेरेंट की पहचान की पुष्टि होने के बाद मेटा उन्हें अपने टीन को सुपरविजन सेट करने के लिए इनवाइट करने की सुविधा देता है. इसके बाद टीन को यह पुष्टि करनी होती है कि सामने वाला व्यक्ति उसका माता-पिता या गार्जियन है. अगर टीन रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करता या 7 दिनों के अंदर जवाब नहीं देता, तो माता-पिता दोबारा इनवाइट भेज सकते हैं.
अगर टीन लगातार रिक्वेस्ट का जवाब नहीं देता या माता-पिता होने की पुष्टि नहीं करता, तो कुछ परिस्थितियों में मेटा अतिरिक्त जानकारी मांग सकता है. इसमें बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जैसी जानकारी भी शामिल हो सकती है.
इंस्टाग्राम पर माता-पिता को बच्चे के अकाउंट का सीधा एक्सेस नहीं मिलता. इसके बजाय मेटा सुपरविजन जैसे फीचर्स उपलब्ध कराता है, जिनकी मदद से पेरेंट्स बच्चे की सुरक्षा और कुछ अकाउंट सेटिंग्स पर नजर रख सकते हैं. इस फीचर का उद्देश्य बच्चे की प्राइवेसी बनाए रखते हुए माता-पिता को उसकी ऑनलाइन सुरक्षा में मदद करना है. हालांकि, सुपरविजन की उपलब्धता और सुविधाएं देश या क्षेत्र के स्थानीय कानूनों के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं.