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Google का नया AI मोड मचाएगा तहलका! ChatGPT और Meta को देगा कड़ी टक्कर, जानिए कैसे करें इस्तेमाल

गूगल सर्च पर जब आप कोई सवाल टाइप करेंगे तो "All" टैब के बाएं साइड में यह AI मोड दिखाई देगा. यह गूगल लेंस के राइट साइड में होता है. जैसे ही आप इसे सिलेक्ट करेंगे, आपके द्वारा पूछे गए सवाल का विस्तार से उत्तर AI मोड द्वारा दिखाया जाएगा.

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Edited By: Reepu Kumari
Google का नया AI मोड मचाएगा तहलका! ChatGPT और Meta को देगा कड़ी टक्कर, जानिए कैसे करें इस्तेमाल

Google AI Mode: अब गूगल सिर्फ सर्च इंजन नहीं, एक पावरफुल AI टूल बन चुका है. भारत में गूगल ने अपना नया AI मोड रोलआउट कर दिया है, जो यूजर्स को किसी भी टॉपिक पर विस्तार से और सटीक जानकारी देने में सक्षम है. यह नया मोड अब सीधे गूगल सर्च में ही नजर आएगा, जिससे यूज़र्स को अलग से किसी एआई प्लेटफॉर्म की जरूरत नहीं पड़ेगी.

इस फीचर के आने से गूगल ने चैटजीपीटी और मेटा जैसे बड़े एआई टूल्स को सीधी टक्कर दे दी है. खास बात यह है कि अब यूजर्स को किसी सवाल के लिए सिर्फ लिंक नहीं, बल्कि उसका सार और विस्तृत जवाब भी मिलेगा.

AI मोड कहां मिलेगा?

गूगल सर्च पर जब आप कोई सवाल टाइप करेंगे तो All टैब के बाएं साइड में यह AI मोड दिखाई देगा. यह गूगल लेंस के राइट साइड में होता है. जैसे ही आप इसे सिलेक्ट करेंगे, आपके द्वारा पूछे गए सवाल का विस्तार से उत्तर AI मोड द्वारा दिखाया जाएगा.

साइन-अप की जरूरत खत्म

पहले इस फीचर को यूज़ करने के लिए गूगल सर्च लैब में जाकर साइन-अप करना होता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया हटाई जा चुकी है. अब सीधे सर्च करते ही आप इस फीचर का लाभ उठा सकते हैं. हालांकि अभी यह सुविधा केवल अंग्रेजी भाषा में ही उपलब्ध है.

ChatGPT और Meta को टक्कर

गूगल का यह स्मार्ट फीचर अब AI की दुनिया में मौजूद दूसरे दिग्गज टूल्स को कड़ी चुनौती दे रहा है. चैटजीपीटी और Meta AI भले ही पहले से लोकप्रिय हों, लेकिन गूगल सर्च का यह इंटीग्रेटेड AI मोड उन्हें कड़ी टक्कर देने वाला साबित हो सकता है.

क्या फायदा मिलेगा यूजर्स को?

  1. जवाब और जानकारी एक साथ एक ही जगह
  2. सटीक और गहराई से समझने वाली इनफॉर्मेशन
  3. किसी भी टॉपिक पर रिसर्च करना आसान
  4. समय की बचत और कम क्लिक में ज्यादा ज्ञान

भविष्य की झलक

गूगल का यह AI मोड अभी सिर्फ अंग्रेजी भाषा को सपोर्ट करता है, लेकिन आने वाले समय में इसमें हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं के लिए भी सपोर्ट जोड़ा जा सकता है. इससे यह तकनीक और भी व्यापक स्तर पर इस्तेमाल की जा सकेगी.