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AC-फ्रिज खरीदते समय एक्सटेंडेड वारंटी लेना सही या बेकार? पहले जान लें ये 5 बातें

जब भी हम नया AC, फ्रिज, टीवी या लैपटॉप खरीदने जाते हैं, तो दुकानदार अक्सर एक्सटेंडेड वारंटी लेने की सलाह देता है. इसके लिए प्रोडक्ट की कीमत के अलावा कुछ अतिरिक्त पैसे देने पड़ते हैं.

Shilpa Shrivastava
AC-फ्रिज खरीदते समय एक्सटेंडेड वारंटी लेना सही या बेकार? पहले जान लें ये 5 बातें
Courtesy: ChatGPT

नई दिल्ली: जब भी हम नया AC, फ्रिज, टीवी या लैपटॉप खरीदने जाते हैं, तो दुकानदार अक्सर एक्सटेंडेड वारंटी लेने की सलाह देता है. इसके लिए प्रोडक्ट की कीमत के अलावा कुछ अतिरिक्त पैसे देने पड़ते हैं. कई बार सेल्समैन यह कहकर डराते हैं कि आगे चलकर सामान खराब हुआ तो मरम्मत में हजारों रुपये खर्च हो सकते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एक्सटेंडेड वारंटी लेना वाकई फायदेमंद है या यह सिर्फ कंपनियों की कमाई का तरीका है?

क्या होती है एक्सटेंडेड वारंटी?

जब आप कोई नया इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदते हैं, तो कंपनी उसके साथ एक निश्चित समय की वारंटी देती है. आमतौर पर यह एक या दो साल की हो सकती है. इस दौरान प्रोडक्ट में कोई तकनीकी खराबी आने पर कंपनी अपनी शर्तों के अनुसार उसे ठीक करती है या खराब पार्ट बदलती है.

एक्सटेंडेड वारंटी का मतलब है इस सुविधा की अवधि को आगे बढ़ाना. उदाहरण के लिए, अगर आपके फ्रिज पर दो साल की वारंटी है, तो अतिरिक्त पैसे देकर इसे एक या दो साल और बढ़ाया जा सकता है.

एक्सटेंडेड वारंटी लेने के क्या फायदे हैं?

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि वारंटी की बढ़ी हुई अवधि में कवर होने वाली खराबी आने पर आपको मरम्मत का पूरा खर्च अपनी जेब से नहीं देना पड़ सकता. कुछ प्लान में पार्ट बदलने और सर्विसिंग की सुविधा भी मिलती है.

खासकर महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान, जैसे AC, फ्रिज और बड़े टीवी के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है. हालांकि, इसका फायदा पूरी तरह वारंटी प्लान की शर्तों पर निर्भर करता है.

कंपनियों को कैसे होती है कमाई?

एक्सटेंडेड वारंटी कंपनियों और सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए कमाई का एक अतिरिक्त जरिया है. ग्राहक पहले ही वारंटी बढ़ाने के लिए पैसे दे देता है. वहीं, कई प्रोडक्ट शुरुआती वर्षों में खराब नहीं होते, इसलिए कंपनी को हर ग्राहक के लिए मरम्मत पर खर्च नहीं करना पड़ता. इसके अलावा, ग्राहक अक्सर मरम्मत के लिए अधिकृत सर्विस सेंटर का इस्तेमाल करते हैं, जिससे कंपनियों के सर्विस नेटवर्क को भी फायदा मिलता है.

वारंटी खरीदने से पहले जरूर जांचें ये 5 बातें:

  • कौन दे रहा है वारंटी: पता करें कि प्लान कंपनी दे रही है या कोई थर्ड पार्टी.

  • क्या-क्या कवर होगा: सभी खराबियां कवर नहीं होतीं. पार्ट्स, लेबर और अन्य शर्तें जरूर चेक करें.

  • क्लेम प्रोसेस: खराबी आने पर शिकायत कहां और कैसे दर्ज करनी होगी, यह समझें.

  • अतिरिक्त खर्च: कुछ प्लान में सर्विस चार्ज या पार्ट्स का पैसा अलग देना पड़ सकता है.

  • कीमत की तुलना: वारंटी की फीस और संभावित मरम्मत खर्च की तुलना जरूर करें.

क्या एक्सटेंडेड वारंटी लेना जरूरी है?

एक्सटेंडेड वारंटी हर प्रोडक्ट के लिए जरूरी नहीं है. अगर प्लान की कीमत कम है, कवरेज अच्छा है और मरम्मत महंगी हो सकती है, तो इसे लेना समझदारी हो सकती है. लेकिन अगर वारंटी की फीस बहुत ज्यादा है या उसमें कई जरूरी चीजें शामिल नहीं हैं, तो इसे छोड़ना बेहतर हो सकता है. इसलिए अगली बार AC, टीवी या फ्रिज खरीदते समय सेल्समैन के दबाव में आकर फैसला न करें. पहले नियम और शर्तें पढ़ें, फिर अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से तय करें.