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रात में तकिए के नीचे फोन रखकर सोते हैं? आपकी ये आदत सेहत और सुरक्षा के लिए बन सकती है बड़ा खतरा!

आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले फोन देखना और रात को सोने से पहले घंटों रील्स या वीडियो देखना ज्यादातर लोगों की दिनचर्या में शामिल हो गया है.

Shilpa Shrivastava
रात में तकिए के नीचे फोन रखकर सोते हैं? आपकी ये आदत सेहत और सुरक्षा के लिए बन सकती है बड़ा खतरा!
Courtesy: ChatGPT

नई दिल्ली: आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले फोन देखना और रात को सोने से पहले घंटों रील्स या वीडियो देखना ज्यादातर लोगों की दिनचर्या में शामिल हो गया है. कई लोगों की आदत होती है कि वे रात में फोन चलाते-चलाते सो जाते हैं और फिर उसे अपने तकिए के नीचे या बिस्तर पर ही रख देते हैं. कुछ लोग तो मोबाइल को चार्जिंग पर लगाकर भी अपने पास ही छोड़ देते हैं.

सुनने में यह आदत भले ही नॉर्मल लगे, लेकिन इससे आपकी नींद और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकती हैं. खासकर फोन को तकिए के नीचे रखकर चार्ज करना खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि सोते समय मोबाइल कहां रखना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए.

तकिए के नीचे फोन रखना क्यों है खतरनाक?

कई लोग सुबह अलार्म सुनने के लिए मोबाइल को अपने तकिए के नीचे रखकर सोते हैं. लेकिन ऐसा करना सही नहीं है. स्मार्टफोन इस्तेमाल करते समय गर्म होता है. इंटरनेट, वीडियो, गेमिंग और दूसरे ऐप चलने के दौरान फोन के प्रोसेसर और बैटरी पर काम का दबाव रहता है, जिससे तापमान बढ़ सकता है. जब फोन को तकिए, कंबल या गद्दे के नीचे दबाकर रखा जाता है, तो उसके आसपास हवा नहीं पहुंच पाती है. इससे फोन की हीट बाहर नहीं निकल पाती और वह जरूरत से ज्यादा गर्म हो सकता है.

सबसे ज्यादा खतरा तब होता है, जब मोबाइल चार्जिंग पर लगा हो. फोन को बिस्तर पर रखकर चार्ज करने से गर्मी बढ़ने का जोखिम रहता है. खराब या नकली चार्जर, क्षतिग्रस्त केबल और खराब बैटरी इस खतरे को और बढ़ा सकते हैं. ऐसी स्थिति में आग लगने की आशंका भी हो सकती है. इसलिए चार्जिंग के दौरान फोन को तकिए या कंबल के नीचे कभी न रखें.

क्या मोबाइल रेडिएशन से दिमाग को नुकसान होता है?

स्मार्टफोन नेटवर्क से जुड़ने के लिए रेडियोफ्रीक्वेंसी एनर्जी का इस्तेमाल करते हैं. इसे आमतौर पर रेडिएशन कहा जाता है. हालांकि, मौजूदा वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि रातभर सिर के पास फोन रखने से सीधे दिमाग या नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचता है.

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मोबाइल को हर समय अपने पास रखना जरूरी है. फोन को दूर रखने से रात में बार-बार उसे देखने और नोटिफिकेशन की वजह से नींद टूटने जैसी परेशानियों से बचा जा सकता है.

फोन की रोशनी बिगाड़ सकती है नींद:

रात में सोने से पहले लंबे समय तक मोबाइल चलाना आपकी नींद क्वालिटी पर असर डाल सकता है. स्मार्टफोन की स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी शरीर की प्राकृतिक नींद की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है. इससे मेलाटोनिन नामक हार्मोन के बनने और शरीर की जैविक घड़ी पर असर पड़ सकता है.

यही वजह है कि देर रात तक रील्स, वीडियो या सोशल मीडिया देखने के बाद कई लोगों को जल्दी नींद नहीं आती. इसके अलावा, फोन पर आने वाले मैसेज, कॉल, नोटिफिकेशन और वाइब्रेशन भी नींद में बाधा डाल सकते हैं. लगातार ऐसा होने पर सुबह उठने पर थकान महसूस हो सकती है.

रात में मोबाइल रखने की सबसे सुरक्षित जगह कौन-सी है?

अगर आप भी रात में फोन को तकिए के नीचे रखकर सोते हैं, तो आज से इस आदत को बदलना बेहतर होगा. सोते समय मोबाइल को अपने बिस्तर से दूर किसी सख्त और सपाट सतह पर रखें. बेड के पास रखी साइड टेबल इसके लिए अच्छी जगह हो सकती है. ध्यान रखें कि फोन के आसपास पर्याप्त हवा आने-जाने की जगह हो. चार्जिंग के दौरान उसे गद्दे, तकिए या कंबल पर न रखें. हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले और सही मानकों वाले चार्जर का इस्तेमाल करें.

अगर रात में फोन की जरूरत नहीं है, तो इंटरनेट बंद कर सकते हैं या Do Not Disturb मोड चालू कर सकते हैं. इससे गैर-जरूरी नोटिफिकेशन से नींद खराब नहीं होगी. अलार्म के लिए फोन इस्तेमाल करते हैं, तो उसे थोड़ी दूरी पर रखें, ताकि सुबह अलार्म बंद करने के लिए आपको बिस्तर से उठना पड़े.