नई दिल्ली: एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink फिर से चर्चा का विषय बन गई है. इसकी सर्विस भारत में शुरू होना एक बड़ा सवाल बन गया है. मस्क ने भारत में स्टारलिंक की लॉन्चिंग में देरी को लेकर कुछ ग्रुप्स पर आरोप लगाए हैं. हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी कंपनी या संगठन का नाम नहीं लिया है. इसे लेकर मस्क ने एक्स पर रिप्लाई दिया है.
मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि कुछ प्रभावशाली समूह भारत में अपनी एकाधिकार वाली स्थिति बनाए रखने के लिए Starlink को रोक रहे हैं. उन्होंने कहा है कि यह भारतीय लोगों के खिलाफ है.
बता दें कि जिस पोस्ट पर मस्क ने प्रतिक्रिया दी है, उसमें दावा किया गया था कि मई 2026 तक भारत के 11,256 लिस्टेड गांवों में 4G मोबाइल कवरेज उपलब्ध नहीं था. इस पोस्ट में ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी की कमी का मुद्दा उठाया गया. उन्होंने कहा कि ऐसे इलाकों में स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा मददगार हो सकती है.
मस्क की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत में टेलीकॉम सेक्टर का बड़ा आयोजन इंडिया मोबाइल कांग्रेस शुरू हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके उद्घाटन करने वाले हैं.
मस्क की कंपनी SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट यूनिट स्टारलिंक भारत में सेवा शुरू करने के लिए अपनी तरफ से काफी तैयारी कर चुकी है. कंपनी की स्टारलिंक बिजनेस ऑपरेशन्स की उपाध्यक्ष लॉरेन ड्रेयर के मुताबिक, भारत में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए कंपनी निवेश कर चुकी है.
कंपनी ने भारतीय सुरक्षा और नियामकीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपना ऑपरेशनल सिस्टम भी तैयार किया है. इसके तहत भारतीय यूजर्स के डाटा को देश में रखने की व्यवस्था शामिल है. कंपनी के मुताबिक, भारत में 20 गेटवे साइट और सैकड़ों एंटीना भी तैयार किए गए हैं.
भारत सरकार ने सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए स्टारलिंक समेत तीन कंपनियों को लाइसेंस दिए हैं. लेकिन केवल लाइसेंस मिलने से कंपनियां तुरंत व्यावसायिक सेवा शुरू नहीं कर सकतीं. इसके लिए स्पेक्ट्रम आवंटन और जरूरी सुरक्षा मंजूरी जैसी प्रक्रियाएं भी पूरी करनी होती हैं. यही वजह है कि इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बावजूद Starlink की कमर्शियल सर्विस अभी भारत में शुरू नहीं हुई है.