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India Daily

ड्रोन कैमरे ने खोला बड़ा राज, हरिद्वार में छतों पर जमा थे पत्थरों के ढेर; पुलिस का 'ऑपरेशन प्रहार' शुरू

हरिद्वार के बोडाहेडी गांव में पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' चलाकर ड्रोन कैमरे से निगरानी की. छतों पर मिले ईंट-पत्थरों के ढेर के बाद 9 लोगों को हिरासत में लिया गया.

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Edited By: Reepu Kumari
ड्रोन कैमरे ने खोला बड़ा राज, हरिद्वार में छतों पर जमा थे पत्थरों के ढेर; पुलिस का 'ऑपरेशन प्रहार' शुरू
Courtesy: ANI

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा अभियान चलाया है. पथरी थाना क्षेत्र के बोडाहेडी गांव में 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत ड्रोन कैमरे की मदद से निगरानी की गई, जिसमें कई मकानों की छतों पर ईंट और पत्थरों के ढेर दिखाई दिए. इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी. हाल ही में गांव में दो पक्षों के बीच हुए झगड़े और पत्थरबाजी के बाद पुलिस पहले से सतर्क थी. किसी संभावित बड़ी घटना को रोकने के उद्देश्य से पुलिस ने नौ लोगों को हिरासत में लिया और संबंधित लोगों को छतों से ईंट-पत्थर हटाने की सख्त चेतावनी भी दी.

पुराने विवाद के बाद बढ़ी पुलिस की सतर्कता

बोडाहेडी गांव में कुछ दिन पहले दो पक्षों के बीच मारपीट और पत्थरबाजी हुई थी. इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में मुकदमे दर्ज कराए थे. पुलिस को आशंका थी कि यदि समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो विवाद दोबारा बढ़ सकता है. इसी वजह से गांव में विशेष निगरानी अभियान चलाया गया.

ड्रोन सर्विलांस में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर

पथरी थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और ड्रोन कैमरे से पूरे इलाके की निगरानी की. जांच के दौरान कई घरों की छतों पर बड़ी मात्रा में ईंट और पत्थर रखे मिले. पुलिस ने संबंधित लोगों को तत्काल इन्हें हटाने के निर्देश दिए और भविष्य में ऐसी सामग्री छतों पर न रखने की चेतावनी दी.

नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि आगे भी किसी घर की छत पर बिना वजह ईंट या पत्थर जमा पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह कार्रवाई बीएनएसएस की धारा 126, 135 और 170 के तहत की गई है. पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है.

दोनों पक्षों के नौ लोगों को लिया गया हिरासत में

पुलिस के अनुसार गांव में विवाद करने वाले दोनों पक्षों को पहले समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने. इसके बाद पहले पक्ष से गुलजार और मुजमिल तथा दूसरे पक्ष से असगर, सुभान, अफसान, रहीश, फरमान, नदीम और अकबर को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई शुरू की गई.

शांति व्यवस्था बनाए रखने पर पुलिस का जोर

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी भी संभावित उपद्रव को रोकने के उद्देश्य से की गई है. गांव में लगातार निगरानी रखी जा रही है और असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील भी की है.