उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा अभियान चलाया है. पथरी थाना क्षेत्र के बोडाहेडी गांव में 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत ड्रोन कैमरे की मदद से निगरानी की गई, जिसमें कई मकानों की छतों पर ईंट और पत्थरों के ढेर दिखाई दिए. इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी. हाल ही में गांव में दो पक्षों के बीच हुए झगड़े और पत्थरबाजी के बाद पुलिस पहले से सतर्क थी. किसी संभावित बड़ी घटना को रोकने के उद्देश्य से पुलिस ने नौ लोगों को हिरासत में लिया और संबंधित लोगों को छतों से ईंट-पत्थर हटाने की सख्त चेतावनी भी दी.
बोडाहेडी गांव में कुछ दिन पहले दो पक्षों के बीच मारपीट और पत्थरबाजी हुई थी. इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में मुकदमे दर्ज कराए थे. पुलिस को आशंका थी कि यदि समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो विवाद दोबारा बढ़ सकता है. इसी वजह से गांव में विशेष निगरानी अभियान चलाया गया.
पथरी थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और ड्रोन कैमरे से पूरे इलाके की निगरानी की. जांच के दौरान कई घरों की छतों पर बड़ी मात्रा में ईंट और पत्थर रखे मिले. पुलिस ने संबंधित लोगों को तत्काल इन्हें हटाने के निर्देश दिए और भविष्य में ऐसी सामग्री छतों पर न रखने की चेतावनी दी.
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि आगे भी किसी घर की छत पर बिना वजह ईंट या पत्थर जमा पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह कार्रवाई बीएनएसएस की धारा 126, 135 और 170 के तहत की गई है. पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है.
पुलिस के अनुसार गांव में विवाद करने वाले दोनों पक्षों को पहले समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने. इसके बाद पहले पक्ष से गुलजार और मुजमिल तथा दूसरे पक्ष से असगर, सुभान, अफसान, रहीश, फरमान, नदीम और अकबर को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई शुरू की गई.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी भी संभावित उपद्रव को रोकने के उद्देश्य से की गई है. गांव में लगातार निगरानी रखी जा रही है और असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील भी की है.