नई दिल्ली: ChatGPT, Grok और Google Gemini जैसे AI चैटबॉट आज हर किसी की लाइफ का एक अहम हिस्सा बन चुका है. स्टूडेंट्स से लेकर प्रोफेशनल्स तक, हर कोई इन टूल्स का इस्तेमाल करते हैं. ये लिखने, नई चीजें सीखने या किसी भी चीज के बारे में जल्दी से फैक्ट्स पता करने के लिए काम करते हैं. हालांकि, हर सवाल AI से पूछना सेफ या स्मार्ट नहीं है. इसी बारे में हम आपको यहां बता रहे हैं.
यहां हम आपको 6 ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं, जो आपको AI चैटबॉट से बिल्कुल नहीं पूछनी चाहिए. आप अपनी प्राइवेसी, सेफ्टी के लिए इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं.
आपको कभी भी मेडिकल डायग्नोसिस या इलाज के बारे में चैटबॉट से न पूछें. AI चैटबॉट डॉक्टर नहीं होते. हां, वो मेडिकल शब्दों को आसान शब्दों में समझा सकते हैं, लेकिन आपको यह नहीं बता सकते हैं कि किसी बीमारी का इलाज कैसे होता है. किसी भी तरह के हेल्थ संबंधित फैसलों को लेने के लिए आपको मेडिकल हिस्ट्री के साथ डॉक्टर के पास जाना चाहिए. एआई आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है.
आपको एआई के साथ कभी-भी अपनी बैंक डिटेल्स समेत आधार या पैन नंबर, पासवर्ड, ओटीपी, ऑफिस के डॉक्यूमेंट्स आदि शेयर नहीं करना चाहिए. भले ही कोई बॉट कहे कि वह आपका डाटा स्टोर नहीं करता है, लेकिन आपको अपना डाटा शेयर नहीं करना चाहिए.
कभी-भी एआई से कोई गैर-कानूनी सलाह न मांगी. किसी चीज को हैक करने, पायरेसी, धोखाधड़ी, टैक्स बचाने या कानून से बचने जैसी चीजों के लिए AI चैटबॉट का इस्तेमाल न करें. ChatGPT, Grok और Gemini जैसे टूल्स के पास इन चीजों के खिलाफ नियम हैं. वैसे तो ये टूल्स इस तरह के काम में मदद नहीं करते हैं, लेकिन आप इससे मुसीबत में पड़ सकते हैं.
आपको कभी भी चैटबॉट की बातों पर पूरी तरह से भरोसा नहीं करना चाहिए. कई बार चैटबॉट भी गलतियां कर देते हैं या फिर अधूरी जानकारी देता है. ऐसे में आपको इसकी सभी बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए.
अगर आपको ये गलतफहमी है कि एआई आपके साथ सहनुभूति जताएगा, तो आपको गलत सोच रहे हैं. वह असल में कुछ महसूस नहीं करता या किसी असली बातचीत की सभी कल्चरल और इमोशनल परतों को नहीं समझता. किसी भी गंभीर या पर्सनल समस्या को एआई के साथ शेयर न करें. आपको यहां कोई भी काम की सलाह नहीं मिलेगी.