International News: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है. इस महायुद्ध के बीच एक खबर ऐसी भी आयी है, जिसने सबको चौंका कर रख दिया है. अमेरिकी सरकार ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई के लिए AI का इस्तेमाल किया था. ऑपरेशन में सैन फ्रांसिस्को स्थित स्टार्टअप Anthropic के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल Claude AI का इस्तेमाल किया गया. दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर बैन लगा दिया था, लेकिन अमेरिकी सेना ने कुछ ही घंटों में इसका इस्तेमाल कर दिया. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने में भी इसका इस्तेमाल हुआ था.
एक रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल में तैनात यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान पर स्ट्राइक के दौरान क्लॉड एआई का इस्तेमाल किया. अमेरिकी मिलिट्री ने इस एआई टूल की मदद से खुफिया जानकारी जुटाई, दुश्मन के सटीक टारगेट की पहचान की और युद्ध के संभावित हालातों का विश्लेषण किया. इसके अलावा, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने वाले बेहद संवेदनशील और सीक्रेट अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन में भी इसी एआई तकनीक का सहारा लिया गया था.
क्लॉड एआई का निर्माण डारियो अमोदेई के नेतृत्व वाले सैन फ्रांसिस्को के एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक ने किया. ट्रंप प्रशासन और इस एआई कंपनी के बीच भारी विवाद तब शुरू हुआ, जब सीईओ अमोदेई ने पेंटागन की उस मांग को ठुकरा दिया, जिसमें बिना किसी रोक-टोक के इस एआई टूल के सैन्य इस्तेमाल की अनुमति मांगी गई थी.
इसके जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़ा कदम उठाते हुए संघीय एजेंसियों को एंथ्रोपिक के सिस्टम का इस्तेमाल तुरंत रोकने का आदेश दे दिया. हालांकि, मिलिट्री सिस्टम में पहले से मौजूद इस तकनीक को धीरे-धीरे हटाने के लिए रक्षा मंत्रालय को 6 महीने का समय दिया गया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भड़कते हुए कंपनी के कर्मचारियों को लेफ्ट-विंग पागल करार दिया. उन्होंने कहा कि कंपनी का स्वार्थ अमेरिकी के लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है. उनका कहना है कि अमेरिका को इस तकनीक की कोई जरूरत नहीं है. वह भविष्य में कंपनी के साथ कोई व्यापार नहीं करेंगे.
दूसरी तरफ, एंथ्रोपिक ने भी इस दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया है. कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह सरकार के दबाव में आकर पूरी तरह से स्वचालित हथियारों या बड़े पैमाने पर घरेलू निगरानी का समर्थन कभी नहीं करेगी. इसके साथ ही रक्षा सचिव पीट हेगसेथ द्वारा कंपनी को सप्लाई चेन रिस्क घोषित किए जाने के फैसले को एंथ्रोपिक कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है.