नई दिल्ली: आजकल स्कैमर्स और हैकर्स आपके स्मार्टफोन में घुसने की हर कोशिश कर रहे हैं. आपके फोन में बैंक अकाउंट, UPI, फोटो, चैट, ईमेल और ऑफिस का काम- सब कुछ होता है. अगर फोन हैक हो गया तो सिर्फ डाटा ही नहीं, पैसा और पहचान भी खतरे में पड़ सकती है. अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में हैक हुआ फोन पहले ही कुछ संकेत (साइन्स) देने लगता है.
अगर समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए तो बड़ा नुकसान होने से बचा जा सकता है. यहां हम आपको ऐसे ही 10 साइन्स के बारे में बता रहे हैं, जो आपको बताएंगे कि आपका फोन हैक हो गया है.
अगर आपका फोन इस्तेमाल का तरीका नहीं बदला है, फिर भी बैटरी पहले से ज्यादा तेजी से खाली हो रही है, तो सावधान हो जाएं. मैलवेयर और स्पाइवेयर बैकग्राउंड में चलते रहते हैं, जिससे बैटरी जल्दी खत्म होती है.
फोन टेबल पर रखा है और फिर भी गर्म हो रहा है? यह बैकग्राउंड में चल रही संदिग्ध गतिविधि का संकेत हो सकता है.
फोन में कोई नया ऐप दिखे जिसे आपने कभी डाउनलोड नहीं किया, तो उसे तुरंत हटा दें. कई बार मैलवेयर खुद को सिस्टम ऐप जैसा बनाकर छिप जाता है.
अचानक बैंक, ईमेल या सोशल मीडिया का OTP आने लगे जबकि आपने कुछ नहीं किया, तो समझ लें कि कोई आपके अकाउंट में घुसने की कोशिश कर रहा है. तुरंत पासवर्ड बदल दें.
मोबाइल डाटा पहले से ज्यादा खर्च हो रहा है? सेटिंग्स में जाकर देखें कि कौन सा ऐप सबसे ज्यादा डाटा इस्तेमाल कर रहा है. मैलवेयर आपके डाटा को चोरी करके बाहर भेजता है.
ब्राउजर बंद होने के बाद भी स्क्रीन पर अजीब विज्ञापन आने लगें तो यह एडवेयर का संकेत है. किसी भी पॉप-अप पर क्लिक न करें.
कैमरा या माइक्रोफोन का इंडिकेटर बिना वजह चालू हो जाए तो सतर्क हो जाएं. यह बहुत गंभीर संकेत है.
अगर आपके दोस्त कहें कि उन्हें आपके नंबर से अजीब मैसेज, लिंक या कॉल आया है, जबकि आपने कुछ नहीं भेजा, तो आपका फोन खतरे में है.
फोन बार-बार हैंग हो, ऐप बंद होने लगे या बिना वजह रीस्टार्ट हो तो बैकग्राउंड में चल रहे मैलवेयर की वजह हो सकती है.
बैंक से अनजान ट्रांजैक्शन का मैसेज आए या पासवर्ड अपने आप बदल जाए तो तुरंत कार्रवाई करें.
तुरंत इंटरनेट बंद कर दें.
संदिग्ध ऐप्स को अनइंस्टॉल करें.
फोन का सिस्टम अपडेट करें.
सभी महत्वपूर्ण अकाउंट्स के पासवर्ड बदल दें.
2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू करें.
जरूरी डाटा का बैकअप लेकर फोन को फैक्ट्री रीसेट कर दें.